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पीएमसीएच के डाक्टरों पर गैर-चामानती वारंट

सीएम का दिया टाइम बीत गया और खूनी गुंडागर्दी करने वाले डॉक्टरों में से किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। मतलब 24 घंटे तक पटना पुलिस फकत हाथ-पांव मारते रह गई। इस बीच शुक्रवार को पुलिस के आवेदन पर पीएमसीएच के 11 जूनियर डॉक्टरों समेत 12 कर्मियों के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राघवेन्द्र कुमार सिंह की कोर्ट ने गिरफ्तारी का गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। जबकि बक्सर के मरीा शिव कुमार मिश्रा की मौत के मामले में इलाज में लापरवाही और परिजनों से मारपीट आदि को लेकर इमरजेंसी के डा. ए. के. पांडेय की यूनिट के खिलाफ वारंट पुलिस को मिला है। चौंकाने वाला पहलू यह है कि घायल छायाकारों दीपूराज, इंद्रजीत डे और नागेन्द्र कुमार द्वारा पीएमसीएच के अधीक्षक, उपाधीक्षक और इमरजेंसी प्रभारी को नामजद करने के बावजूद पुलिस ने इनके खिलाफ वारंट के लिए आवेदन देना मुनासिब नहीं समझा। इसको लेकर पुलिस की कार्रवाई व अनुसंधान पर उंगलियां उठने लगी है। आरोपित डॉक्टरों के खिलाफ पीरबहोर थाने में धारा 307,147, 341, 323, 325, 353 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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