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तीन राज्यों में बंद से जनजीवन ठप

संप्रग सरकार द्वारा तेल कीमतों में बढ़ोतरी से भड़की आग थम नहीं रही है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया द्वारा पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्यवृद्धि के खिलाफ आयोजित बंद से राज्य में शुक्रवार को दूसरे दिन भी जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। वहीं वामदलों के आह्वान पर आंध्र प्रदेश और उड़ीसा बंद का भी व्यापक असर रहा। उड़ीसा में करीब 1000 बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया।ड्ढr ड्ढr दूसरी ओर शिव सैनिकों ने इस मुद्दे पर मुंबई में ट्रेनें रोक कर विरोध प्रकट किया। बंगाल में बंद के दौरान सड़कों पर वाहन नहीं चले और रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। बंद समर्थकों ने हावड़ा, सियालदह, मालदा और आसनसोल डिविजन के विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के परिचालन को बाधित किया जिसके कारण पूर्व रलवे ने 12 ट्रेनों को रद्द कर दिया और कई के मार्ग बदल दिये। दक्षिण पूर्व रलवे ने भी पांच ट्रेनों को रद्द कर दिया। हावड़ा से चलने वालीं लोकल ट्रेनों पर भी बंद का असर देखा गया। हालांकि विमान सेवाओं पर बंद का कोई असर नहीं हुआ। दुकानें और बाजार भी नहीं खुले। इसके अलावा शिक्षण संस्थाओं में कामकाज ठप्प रहा। बैंकों, सरकारी और निजी कार्यालयों में उपस्थितियां कम रही जिससे कामकाज प्रभावित हुआ। वामपंथी दलों ने मूल्यवृद्धि के खिलाफ राज्य में गुरुवार को बंद आयोजित किया था।ड्ढr ड्ढr पुलिस महानिरीक्षक राज कानोजिया ने बताया कि बंद शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि करीब 300 बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया। कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक मार्च निकाला गया। दूसरी ओर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में वृद्धि के खिलाफ शिवसेना कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार की सुबह मध्य रेलवे के मुलुंड रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन कर उपनगरीय गाड़ियों का आवागमन बाधित किया। शिवसेना कार्यकर्ता सुबह करीब पौने दस बजे मुलुंड स्टेशन पर जमा हुए और प्रदर्शन शुरू किया। करीब 20 मिनट तक गाड़ियों का आवागमन ठप हो गया।

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  • Web Title: तीन राज्यों में बंद से जनजीवन ठप