DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एजी की रिपोर्ट से खर्च के दावे की पोल खुली

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2007-08 में 14 हाार 46रोड़ रुपये खर्च किये हैं। एजी ने 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष का एकाउंट्स तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया है। एजी की रिपोर्ट से सरकारी खर्च के दावे की पोल खुल गयी है। राज्य सरकार ने खर्च का जो आंकड़ा दिया था, वह एजी द्वारा किये गये हिसाब से बहुत अधिक था।ड्ढr साल भर के लिए कुल 18 हाार 6रोड़ रुपये का बजट था। इसमें विकास के लिए 6676 करोड़ की राज्य योजना और 1314 करोड़ की केंद्रीय योजना थी। पिछले साल बजट से 4223 करोड़ रुपये कम खर्च हुए।ड्ढr वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर सरकार ने राज्य योजना मद में 56रोड़ (85.25 प्रतिशत) खर्च कर लेने का दावा किया था, जबकि एजी ने राज्य योजना मद से 4826 करोड़ ही खर्च होने की बात बतायी है। यह खर्च लक्ष्य का 72.28 प्रतिशत है। खर्च का यह 72 फीसदी आंकड़ा तब पहुंचा है, जब योजना मद के 1483 करोड़ रुपये खर्च के नाम पर ट्रेारी से निकाल कर अन्य खातों में रखे गये है।ड्ढr अंतिम माह मार्च में अधिकारियों ने आपाधापी कर 5430 करोड़ रुपये ट्रेारी से निकाले हैं। इसमें 2830 करोड़ रुपये योजना मद के हैं। गैर योजना मद में 0 करोड़ और केंद्रीय योजनाओं पर 403 करोड़ खर्च हुए हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: एजी की रिपोर्ट से खर्च के दावे की पोल खुली