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भाजपा की जीत में कांग्रेसियों का भी धन

नार्टक विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस को हराने के लिए कांग्रेसियों का पैसा भी लगा था! कांग्रेस कार्य समिति की पिछली बैठक में कांग्रेस की चुनावी हार का विश्लेषण करते समय जब कमजोर कड़ियों की पहचान शुरू की गई तो यह तथ्य भी उभर कर सामने आया। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी 25-30 और सीटें आसानी से जीत सकती थी लेकिन अंदरूनी कमजोरियों के कारण ये सीटें हाथ से निकल गईं। कार्य समिति की बैठक में यह बात प्रमुखता से उभरकर आई कि खासतौर से बेल्लारी के खनन क्षेत्र में सक्रिय माफिया का पैसा बड़े पैमाने पर कांग्रेस के उम्मीदवारों को हराने और भाजपा के उम्मीदवारों को जिताने के लिए लगा था। जनता दल एस और भाजपा की पिछली सरकार में इलाके का खनन माफिया जिस तरह से उपकृत हुआ था, उसके मद्देनजर खनन माफिया ने इस चुनाव में भाजपा की सरकार बनवाने की ठान ली थी। लेकिन कांग्रेस आलाकमान के लिए इससे भी बड़ी चिंता की बात कार्य समिति के एक सदस्य के द्वारा बैठक में यह रहस्योद्घाटन था कि इस माफिया में कांग्रेस के एक बड़े नेता, पड़ोसी मुख्यमंत्री के पुत्र भी साझीदार हैं। यह आशंका भी व्यक्त की गई कि अगले चुनाव में माफिया का पैसा इसी तरह आंध्र प्रदेश में भी कांग्रेस पर कहर बरपा करगा। गौरतलब है कि बेल्लारी क्षेत्र के तीन जिलों की कुल 27 में से 24 सीटें भाजपा के खाते में गईं। विधायकों पर माफिया के असर को इस रूप में भी समझा जा सकता है कि शपथग्रहण समारोह में कई विधायकों ने खुालकर खनन माफिया के कुछ सदस्यों के नाम की कसमें भी खाईं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार कार्य समिति की बैठक में टिकट वितरण में हुई गड़बड़ियों के आरोप ल्ी लगाए गए। पूछा गया कि किन परिस्थितियों में पार्टी के जीत सकने वाले चार लोग बागी बनकर चुनाव जीते। कर्नाटक के तटीय इलाकों के कांग्रेस के आधा दर्जन नेता भी निशाने पर थे जो कांग्रेस मुख्यालय में बड़े ओहदों पर हैं लेकिन उनके इलाकों में पिछली बार की तरह इस बार भी कांग्रेस का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर नहीं था।

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