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तड़ित चालक परही गिरा ठनका

राज्य के सरकारी स्कूलों में तड़ित चालक लगाने की योजना पर ही ठनका गिर गया है। इस कारण स्कूल में छात्र अब भी सुरक्षित नहीं है। यह योजना फाइलों में ही सिमटी रह गयी। शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की की स्कूलों में तड़ित चालक लगाने की घोषणा पर एक साल बाद भी अमल नहीं हुआ। आदेश तो निकला, लेकिन स्कूलों को राशि नहीं दी गयी। अब तो विभागीय समीक्षा बैठक के एजेंडे से भी तड़ित चालक गायब हो गया है।ड्ढr पिछले साल रामपुर स्कूल में ठनका गिरने से पांच छात्र की मौत हो गयी थी। सभी स्कूलों को विद्यालय विकास कोष से तड़ित चालक लगाने का आदेश दिया गया। लेकिन इस कोष की राशि स्कूल की मरम्मत, रंग-रोगन में ही खर्च हो गयी। वैसे, इक्के-दुक्के स्कूलों में तड़ित चालक लगा है। मजेदार यह है कि हाइकोर्ट ने भी इस मामले में संज्ञान लिया था। सरकार ने शपथ पत्र दायर कर तड़ित चालक लगाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। बरसात नजदीक देख गार्जियन की चिंता बढ़ने लगी है।ड्ढr अधिकारियों ने पल्ला झाड़ाड्ढr इस मामले में जब परियोजना निदेशक राजीव अरुण एक्का से बात की गयी, तो उनका कहना था-स्कूल का नया भवन बनने के साथ ही उसमें तड़ित चालक लगाया जा रहा है। पुराने स्कूल भवन के बार में विभाग को फैसला लेना है। इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इधर, प्राथमिक शिक्षा निदेशक पीसी मिश्र का कहना था कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय इस मामले को देख रहा है। इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक का सरकारी मोबाइल बंद मिला।ड्ढr कैबिनेट की मंजूरी : बंधुड्ढr शिक्षा मंत्री कहते हैं कि तड़ित चालक कुछ स्कूलों में विद्यालय विकास कोष की राशि से लगाये गये हैं। सभी स्कूलों में तड़ित चालक लगेगा। इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। प्रस्ताव तैयार है। कैबिनेट की मुहर लगने के बाद स्कूलों को अलग से राशि दी जायेगी। जल्द से जल्द काम पूरा कर लिया जायेगा।

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