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नाम का फेर

नाम का फेर नाम का फेरा जबरदस्त होता है। एनडीए में दो रणु देवी हैं। एक मंत्री हैं। दूसरी विक्षुब्ध चल रही हैं। एक दिन विक्षुब्धों की बैठक हो रही थी। रणु देवी नहीं थीं। उन्हें फोन किया गया। कहा गया-सबलोग आ गए हैं। जल्दी आइए। उधर से जवाब आया कि यह विक्षुब्ध नहीं, संतुष्ट रणु देवी का नंबर है। ऐसा ही वाकया छोटे सरकार के साथ भी हुआ। मंत्री रणु देवी को फोन किया गया। लाइन मिलने पर छोटे सरकार ने पूछा-विभाग का काम कैसा चल रहा है। खूब मेहनत कीािए। रणु देवी क्षुब्ध भाव से बोलीं-काहे का विभाग चलेगा भैया। यहां तो बेरोगारी की मार पड़ी है।ड्ढr ड्ढr धुनाईड्ढr लाल साहब सरकारी अफसर हैं। मगर उनका दरबार राजनेताओं की तरह सजता है। इन दिनों पंचायती राज संस्थाओं को देख रहे हैं। दफ्तर में भीड़ जुटी रहती है। उस दिन एक महिला मुखिया फरियाद लेकर आईं। लाल साहब ने उनका मनोबल बढ़ाया। कहा कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है। बात को असरदार बनाने की गरा से उन्होंने महिला मुखिया से पूछ लिया-अपने पति की नियमित धुनाई करती हैं कि नहीं? मुखिया अवाक रह गईं। वह बात बदलना चाहती थीं लेकिन, लाल साहब भला कहां मानने। उन्होंने सवाल दोहराया। महिला मुखिया बोल उठीं-कैसी बात करते हैं जी। एमपी साहब(मुखिया पति) बगल में बैठे हैं।ड्ढr ड्ढr दुखड्ढr छोटे मंत्रीजी इन दिनों दुखी चल रहे हैं। यह दूसरी बात है कि दुख का बयान किसी से नही कर पाते। सिर्फ चुनिन्दा समर्थकों के बीच अपनी पीड़ा का क्षहार करते हैं। फेरबदल में उनका कद छोटा कर दिया गया। यह पीड़ा कम भी नहीं हुई थी तब तक एक और दुखदायी खबर आ गई। उनके विभाग में एक प्राधिकार बन रहा है। प्राधिकार के उपाध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा। यानी छोटे मंत्री उनके सामने भी सिर झुका कर ही बैठेंगे। भाई लोगों ने उन्हें सलाह दी कि ऐसा हुआ तो आप इस्तीफा कर दीजिए। छोटे मंत्री प्राधिकार के गठन का इंतजार कर रहे हैं।ड्ढr ड्ढr साइकिलड्ढr साहूाी पुराने समाजवादी हैं। भूल जाते हैं कि वह कैबिनेट मंत्री भी हैं। जनता दरबार वाले कार्यक्रम में चले गए। विभाग से संबंधित शिकायतों का अंबार लग गया। अर्जी की पोटली लेकर राजा के पास पहुंचे। इसका हम क्या करंगे। फिर याद दिलाने की नौबत आई-आप मंत्री हैं। आपको ही निपटारा करना है। उन्होंने भोलेपन से पोटली उठा ली। एक दिन फुलपरास गए थे। एक विधायक के यहां कुछ देर बैठे। शाम में विधायक से कहा कि अब साइकिल दीजिए। घर जाएंगे। विधायक ने याद दिलाया-आप मंत्री हैं। आपके पास गाड़ी है। अभी साइकिल की जरूरत नहीं है।

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  • Web Title: राजदरबारच