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पुनबरेर्ड करगा यूपीएससी

संघ लोक सेवा आयोग ने झारखंड में डीएसपी से आइपीएस में प्रोन्नति के मामले में पुनर्विचार करने का फैसला लिया है। संघ लोक सेवा आयोग का पत्र झारखंड के गृह विभाग को मिल चुका है। चार माह पहले जो बैठक हुई थी, उसमें राज्य के सीनियर डीएसपी स्तर के अधिकारियों को आइपीएस में प्रोन्नति का फैसला लिया गया था। 15 अधिकारी इसके लिए चुने गये। लिए गये निर्णय पर कुछ अधिकारी कोर्ट चले गये। कई ने तो धांधली का आरोप लगा दिया। संघ लोक सेवा आयोग को स्थिति से अवगत करायी गयी। प्रोन्नति के मामले में पुलिस मुख्यालय की कोई भूमिका नहीं होती। सभी तरह की रिकार्ड और कागजात गृह विभाग उपलब्ध करवाता है। चूक गृह विभाग से हुई। कई वैसे अधिकरियों को फीट घोषित कर दिया गया था, जिन पर गंभीर मामले लंबित थे। रल के एसपी मृत्युंजय कुमार के मामले में गृह विभाग को बैक-फूट पर जाना पड़ा। कुमार के मामले में बाद में लिखा गया कि उन पर हत्या का मामला दर्ज है। यह प्रोन्नति के लिए बाधक है।ड्ढr कई अन्य अधिकारियों पर आरोप है। तब आयोग ने पहले लिए गये निर्णय पर विचार करने का फैसला लिया है और पुनबरेर्ड के लिए बाद में तिथि घोषित करने की जानकारी दी गयी। इस निर्णय से बेदाग अधिकरियों को भी अब प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल पायेगा, जिन्हें प्रोन्नत करने पर विचार किया गया था, उनमें ददन जी शर्मा, पीआर रविदास, मो नेहाल, अरुण कुमार सिंह, उपेंद्र कुमार, रिचर्ड लकड़ा, शंभू ठाकुर, मार्टिन पोरस लकड़ा, कमलेश कुमार, मृत्युंजय कुमार, सुबोध प्रसाद, आरके धान, अमर नाथ खन्ना, बिगलाल उरांव सहित 15 अधिकारी हैं।

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