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कुड़ुख भाषा-साहित्य समृद्ध : बेंजामिन

पश्चिम बंगाल के महालेखाकार बेंजामिन लकड़ा ने कहा कि कुड़ुख भाषा और साहित्य विश्व की किसी भी भाषा या साहित्य से कमतर नहीं हैं। सिर्फ इसे सही तरीके से सामने लाने की जरूरत है। वह शनिवार को राष्ट्रीय कुड़ुख साहित्य सम्मेलन- कुड़ुख कत्थ टूड़ु जतरा में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें अपनी इस समृद्ध थाती को आगे की पीढ़ियों को सौंपना है। इस भाषा की लोककथाओं, गीतों, पहेलियों को इकट्ठा कर प्रकाशित करने की जरूरत है।ड्ढr बिशप डॉ निर्मल मिंज ने कहा कि लेखकों-साहित्यकारों के लिए कोष का गठन करना होगा। उन्हें एक मंच पर लाने की जरूरत है। डॉ बहुरा एक्का ने कहा कि बच्चों के लिए समय की मांग के अनुसार साहित्य तैयार करना होगा। डॉ करमा उरांव ने कहा कि यह अभियान समाज को मजबूती देगा।ड्ढr दूसर सत्र में तीन पत्र प्रस्तुत किये गये। पंका कुाूर ने बच्चों के लिए चित्रकथा के प्रकाशन पर बल दिया। कहा कि यह बच्चों को संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बन सकता है। महेश भगत ने कुड़ुख मिथ और लोककथाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। दीपू तिग्गा ने कहा कि अपनी भाषा के प्रयोग में हीनता का बोध नहीं होना चाहिए। एसडीसी में आयोजित इस सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार को कार्यकारिणी सभा होगी। सम्मेलन में डॉ शांति खलखो, प्रो दुखा भगत, डॉ नारायण उरांव, प्रो चौठी उरांव, फादर अगुस्टीन केरकेट्टा, प्रो इंद्रजीत उरांव, फादर अलबिनुस मिंज और फादर क्लेमेंट एक्का सहित झारखंड, बंगाल, उड़ीसा दिल्ली के कई कुड़ुख लेखक, साहित्यकार शामिल हुए। हातमा मंडा पूजा समिति का फूलखुंदी और जागरणड्ढr हातमा, कांके रोड में मंडा पूजा के क्रम में शनिवार को फूलखुंदी और जागरण का आयोजन किया गया। पूजा में भाग ले रहे भोक्ताओं ने दहकते हुए अंगार पर चल कर अपनी तपस्या की शक्ित का परिचय दिया। इस दौरान छऊ नृत्य का भी आयोजन किया गया। अनगड़ा और तमाड़ से आये कलाकारों की टोली ने पौराणिक कथाओं और देवी-देवताओं के विभिन्न प्रसंगों को नृत्य के माध्यम से लोगों के समक्ष रखे। कार्यक्रम देर रात तक चला।ड्ढr इससे पूर्व रात नौ बजे पुजारी कमल गोस्वामी और गांव के पहान सुमन के सान्निध्य में शिव आराधना में लीन लगभग 150 भोक्ताओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद फूलखुंदी और जागरण का कार्यक्रम शुरू हुआ।ड्ढr हातमा मंडा पूजा समिति के अध्यक्ष दिलीप कुमार, राजू मिर्धा, राजेंद्र पासवान, संजय कुमार, शिव पासवान, राजेश उरांव और मुन्ना ने कार्यक्रम के सफल संचालन में अपना मुख्य योगदान दिया। अध्यक्ष दिलीप कुमार ने बताया कि रविवार को झूलन का आयोजन किया जायेगा। सोमवार को छठी के साथ पूजा कार्यक्रम संपन्न हो जायेगा।

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