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शुरू होगा बिहार गौरव सम्मान: नीतीश

आईआईटी में सफल गरीब छात्रों को नामांकन के लिए अब इधर-उधर नहीं देखना पड़ेगा। सफल गरीब छात्रों के नामांकन का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। सुपर-30 के सफल छात्रों के सम्मान समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि माहौल बने तो हम प्रतिभाओं को तराशने के लिए पूरा सहयोग करंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि पहले ही सरकार ने राज्य के सफल आईआईटी छात्रों को 50 हाार रुपये देने की योजना बनायी है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर घोषणा की कि सरकार बिहार गौरव सम्मान की शुरुआत करगी। इसमें बिहार का नाम रौशन करने वाले छात्रों व हस्तियों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार के छात्र शिति कंठ की आईआईटी परीक्षा में पहला स्थान हासिल करने के लिए विशेष रूप से पुरस्कृत करगी।ड्ढr ड्ढr साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार अब फिर से कोचिंग पॉलिसी पर विचार कर रही है। इसके तहत हम राज्य में कोटा की तरह ही कोचिंग संस्थानों के विकास पर कार्य करंगे। उन्होंने सुपर-30 के संचालक आनंद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लोगों से प्रेरणा लेकर राज्य के बदले माहौल में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।ड्ढr इस मौके पर साइंस कॉलेज के गणित विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. देवी प्रसाद वर्मा ने कहा कि आनंद का प्रयास सराहनीय है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए गणितज्ञ आनंद कुमार ने कहा कि सुपर 30 व सुपर 100 की सफलता छात्रों की मेहनत का परिणाम है। हम अगली बार और बेहतर परिणाम लाएंगे। कार्यक्रम में बिहार कॉलेज ऑफ इांीनियरिंग के पूर्व प्राध्यापक मो. शहाबुद्दीन व सांसद शिवानंद तिवारी ने भी अपने विचार रखे। खुशी मिली इतनी कि मन में न समाएड्ढr पटना (हि.प्र.)। आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सुपर-30 के सफल छात्र सम्मान पाकर आह्लादित दिखे। उनका कहना था कि गुरु आनंद व अभयानंद के दिशा-निर्देशों ने हमें इस मुकाम पर पहुंचाया है। गरीब विकलांग का बेटा दीपू कुमार जब मुख्यमंत्री के सामने बोलने के लिए खड़ा हुआ तो शायद उसे पहली बार पता चला कि उसने कुछ बड़ा मुकाम पाया है।ड्ढr उसने कहा कि मेरी प्रतिभा तो आनंद सर के कारण सामने आ गयी लेकिन हमार जसे कितने ही प्रभिावानों की प्रतिभाएं गरीबी में दबकर रह जाती हैं और उन्हें सामने लाने के लिए प्रयास होना चाहिए।ड्ढr एक स्वयंसेवी संगठन में निचले स्तर के कर्मचारी पुत्र रहमान ने कहा कि मेर पापा ने हमेशा मुझे सिखाया कि वक्त की ताकीद करो तो वक्त तुम्हार साथ होगा और आज वह सच साबित हुआ। वहीं एक निरक्षर पिता का पुत्र राजीव जायसवाल का कहना था कि हमार लिए जो हमार गुरुओं व परिानों ने सोचा था उसे पूरा कर दिखाने का जुनून ही हमें यहां तक लेकर आया। वहीं परचून की दुकान चलाने वाले दुकानदार की बेटी पलक ने कहा कि हम तो खुश हैं कि हमें अपनी मंजिल मिल गयी।

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