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लॉरा बुश अचानकचच अफचचगानिस्तान पहुंचीं

अमेरिका की प्रथम महिला एवं राष्ट्रपति जार्ज बुश की पत्नी लॉरा बुश रविवार सुबह अचानक अफगानिस्तान की अघोषित यात्रा पर राजधानी काबुल पहुंचीं। उन्होंने यहां तालिबानी हिंसा में हुई वृद्धि से आशंकित अफगान नागरिकों के जख्मों पर मरहम रखा। बुश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह तालिबान के फिर से मजबूत होने के संकेतों के मद्देनजर अफगानिस्तान को यूं ही छोड़कर नहीं जाए। लगभग साढ़े आठ घंटे की लंबी उड़ान के बाद कड़ी सुरक्षा में यहां उतरीं लॉरा बुश ने अपनी यात्रा को अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण की प्रक्रिया एवं महिलाओं के अधिकारों में सुधार लाने के प्रभावी असर के रूप में पेश किया। उन्होंने तालिबान के मजबूत होने के बारे में अफगान जनता, प्रशासन तथा नाटो सेनाओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमें उनसे भयभीत होने की जरूरत नहीं है।’ अंतराष्ट्रीय समुदाय इस बेहद संवेदनशील समय में अफगानिस्तान को उसके हाल पर नहीं छोड़ सकता।ड्ढr बुश की यह तीसरी अफगानिस्तान यात्रा है। उन्होंने कहा कि अफगान लोगों को यह संदेश देना बहुत महत्वपूर्ण है कि बाकी सारी दुनिया आपके साथ है और हम आपको आपके हाल पर छोड़कर नहीं जा रहे हैं। खासकर जब तालिबान और अल कायदा आपको भयभीत करने में लगे हैं। तालिबान के खतरे का असर इस यात्रा पर इतना था कि व्हाइट हाउस ने श्रीमती बुश के विमान के काबुल सैन्य हवाई अड्डे पर उतरने तक इसकी कानोकान खबर नहीं होने दी। उनके साथ आए पत्रकारों को भी विमान उतरने के बाद ही रिपोर्ट करने की अनुमति दी गई। श्रीमती बुश ने कहा कि उनकी यात्रा से अगले सप्ताह पेरिस में होने वाले अफगान सहायता सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अफगानिस्तान में मौजूदगी बनाए रखने का पक्ष मजबूत होगा। बुश का तालिबान द्वारा बामियान प्रांत की पहाड़ियों में नष्ट की गई बुद्ध की प्रतिमाओं के स्थान को हैलीकाप्टर से देखने का कार्यक्रम है।

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