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स्कूल बसें बनीं प्रशासन की सॉफ्ट टारगेट

रांची संसदीय क्षेत्र का चुनाव 23 अप्रैल को है। प्रशासन द्वारा 15 दिन पहले से ही गाड़ियों की धर-पकड़ शुरू कर दी गयी है। स्कूल बसें प्रशासन की शॉफ्ट टारगेट बनीं हैं। नया सत्र आरंभ होते ही अधिकांश निजी स्कूलों को मजबूरन बंद करना पड़ा है। बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप है। यात्री बसों को भी जब्त कर लिये जाने के कारण आम जनता बेहाल है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। लॉग बुक नहीं खोले जाने से गाड़ी मालिक परशान हैं। खलासी और चालक को खुराकी का पैसा भी नहीं दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की तानाशाही कार्रवाई से खाद्यान्न के दाम आसमान छूने लगे हैं। माल की ढुलाई नहीं होने से खाद्यान्न की कमी बता कर मनमाना मूल्य वसूला जा रहा है। यहां से प्रतिदिन दर्जनों ट्रक सब्जियां दूसर प्रदेशों में भेजी जाती हैं। ट्रक नहीं रहने के कारण सब्जियां सड़ रही हैं और किसान बेहाल हैं। रांची के डीटीओ अशोक कुमार बंका को परिवहन कोषांग का प्रभारी बनाया गया है। उनका मोबाइल फोन पिछले चार दिन से बंद है। वाहन मालिक अपनी परशानी से उन्हें अवगत भी नहीं करा पा रहे हैं। चुटिया मंडा पूजा में उमड़े दर्शनार्थी, छऊ नृत्य के कलाकारों ने समां बांधा

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