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नया सिलेबस देख प्रोफेसर हैरान तो छात्र अवाक

झारखंड में इंटरमीडिएट की 12वीं के नये सिलेबस को देखकर प्रोफेसर हैरान हैं, तो छात्र अवाक। कॉलेज प्रबंधन भी नाराज है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने कई विषयों के लिए नया सिलेबस जारी किया है। अन्य विषयों में भी 30 फीसदी से लेकर 75 फीसदी तक नये टॉपिक्स शामिल किये गये हैं। आश्चर्य की बात है कि इस नये सिलेबस के नये टॉपिक ग्रेजुएशन या फिर पोस्ट ग्रेजुएशन के स्तर पर पढ़ाये जाते हैं। कुछ टॉपिक तो ऐसे हैं, जिसके बार में सीनियर प्रोफेसरों ने भी आज तक नहीं पढ़ा है। कॉलेज प्रोफेसरों का मानना है कि यह नया सिलेबस नया गुल खिलायेगा। नमूने के तौर पर मॉडर्न इंडिया के सिलेबस में प्लासी और बक्सर की लड़ाई हटा दी गयी है। अब इस्ट इंडिया कंपनी के रवेन्यू सेटलमेंट के लिए ऑफिसियल रिकॉर्ड की कहानी पढ़नी है। इसके तहत फर्मिजर रिपोर्ट पढ़नी होगी। इतिहास के प्रोफेसर सुदर्शन सिंह का कहना है कि एमए में भी यह पढ़ाई नहीं होती है। इस्ट इंडिया कंपनी पर शोध करने वालों को ही इस रिपोर्ट की जानकारी है। पॉलिटिकल साइंस में तो पूरा का पूरा सिलेबस ही चेंज कर दिया गया है। इसमें 0 फीसदी टॉपिक्स ऑनर्स और एमए के हैं। इससे छात्र स्टेट और गवर्नमेंट का टॉपिक ही गायब है। जो इस विषय का आधार माना जाता रहा है। इसी तर्ज पर दूसर अन्य विषयों में भी सिलेबस तैयार किये गये हैं। जूलॉजी, बॉटनी, मैथ में भी कमोबेश यही हाल है।ड्ढr पिछले साल काउंसिल ने 11वीं का सिलेबस बदला था। इस बार 12 वीं का बदला है। इस वजह से हर कॉलेज लाइब्रेरी में लाखों रुपये की किताब अब छात्रों के लिए रद्दी बन गये हैं।ड्ढr नये सिलेबस के मुताबिक कॉलेज प्रबंधन को अब नये सिर से लाखों रुपये के किताबों की खरीदारी करनी पड़ रही है। सूत्रों का मानना है कि इस खेल के पीछे नये किताबों के जरिये लाखों रुपये के कमीशन की हेरा-फेरी है। 11वीं में फेल होने के बाद भी सभी छात्र 12वीं में तो पहुंच गये हैं, लेकिन इस नये कठिन सिलेबस के बाद उनका भगवान ही मालिक है।ं

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