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झारखंड बंद के विरोध में उतर व्यवसायी

राज्य के व्यवसायियों ने बार-बार के झारखंड बंद का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि व्यवसायी 10 जून को भाजपा के बंद का भी विरोध करंगे। बंद जनहित में नहीं है। फेडरशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीा के अध्यक्ष मनोज नरडी का कहना है कि भाजपा के बंद का समर्थन चैंबर नहीं करगा।ड्ढr राज्य सरकार ने पहल करते हुए रसोई गैस और डीाल की कीमत कम करने के लिए कदम उठाये हैं। ऐसे में बंद का औचित्य नहीं है। व्यवसायी बंद के कभी समर्थक नहीं रहे हैं। 7 इसी एक्ट के मुद्दे पर व्यवसायियों ने जो बंद बुलाया था, उसमें सिर्फ व्यवसाय ही बंद किये गये थे। इसका नुकसान सिर्फ उन्हें ही हुआ।ड्ढr चैंबर के पूर्व अध्य महेश पोद्दार ने भी कहा है कि बंद जनहित में नहीं है। पूर्व अध्यक्ष संजय सेठ का भी कहना है कि व्यवसायी बंद का समर्थन नहीं करंगे। चैंबर के पूर्व अध्यक्ष अजरुन प्रसाद जालान ने कहा कि इस प्रकार की बंदी का कोी औचित्य नहीं है।ड्ढr राजनीतिक दलों को जनहित से किसी प्रकार का सरोकार नहीं रह गया है। वे सिर्फ जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। विश्व बाजार में क्रूड आयल की कीमत में हुई बढ़ोत्तरी के बाद केंद्र सरकार ने इस प्रकार से कीमतें बढ़ाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने रसोई गैस और डीाल की कीमतों में कमी करने का प्रयास किया है। इस स्थिति में बंद का औचित्य नहीं है। पूर्व अध्यक्ष अरुण बुधिया ने कहा कि झारखंड सरकार ने डीाल और रसोई गैस की कीमत में कमी करने के लिए ठोस कदम उठाया है। इस स्थिति में बंद का औचित्य नहीं है।ड्ढr चैंबर के सचिव सुरशचंद्र अग्रवाल ने कहा कि 10 जून की बंद का चैंबर समर्थन नहीं करगा। इस प्रकार की बंदी से किसी को लाभ नहीं होगा। राजनीतिक दल सिर्फ अपनी रोटी सेंकने के लिए इस प्रकार का निर्णय ली है।ड्ढr चैंबर उपाध्यक्ष अंचल किंगर ने कहा कि चैंबर सभी भी बंद का समर्थक नहीं रहा है। जब भी किसी प्रकार की मजबूरी होती है, तभी चैंबर या व्यवसायी संगठन बंद की बात करते हैं। वर्तमान में जो परिस्थिति बनी है, उसमें बंद का कोई मतलब नहीं है।

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