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गरीबों को चावल कम गेहूँ चयादा गरीबों को चावल कम गेहूँ चयादा

सरकारी राशन की दुकानों से गरीबों को मिलने वाले चावल में कटौती कर उसकी जगह गेहूँ देने की तैयारी है। सरकारी राशन की मात्रा में फेरबदल केन्द्र सरकार के निर्देशों के तहत होगा। बीपीएल (गरीबी की रखा के नीचे जीवनयापन करने वाले) परिवारों को अब पाँच किलोग्राम चावल कम मिलेगा। इसकी जगह उन्हें पाँच किलोग्राम गेहूँ यादा मिलेगा। एपीएल (गरीबी की रखा से ऊपर) कार्डधारकों को फिलहाल गेहूँ से ही काम चलाना होगा क्योंकि केन्द्र ने उनके लिए चावल का आवंटन बंद कर दिया है।ड्ढr उच्चस्तरीय सृूत्रों के अनुसार, केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने राय सरकार से नई व्यवस्था लागू करने को कहा है। यह बदलाव जुलाई से लागू होने की उम्मीद है। इस व्यवस्था से फिलहाल अन्त्योदय और अन्नपूर्णा योजना को दूर रखा गया है।ड्ढr समझा जाता है कि देश में गेहूँ की रिकॉर्ड खरीद को देखते हुए उसे खपाने के लिए केन्द्र सरकार के स्तर से यह फैसला किया गया है। हालाँकि यूपी के सरकारी गोदामों में इस बार चावल की भी कोई कमी नहीं है। विभागीय आला अफसरों के मुताबिक राय सरकार के पास सालाना जरूरत से मात्र एक-दो लाख टन चावल ही कम है।ड्ढr अभी जो व्यवस्था है, उसमें राशन की दुकान से पूर्वाचल के एक बीपीएल परिवार को प्रति माह 25 किलोग्राम चावल और 10 किलोग्राम गेहूँ मिलता है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 किलोग्राम चावल और 15 किलोग्राम गेहूँ मिलता है। नई व्यवस्था में अगले माह से पूर्वाचल में भी 20 किलोग्राम चावल और 15 किलोग्राम गेहूँ मिलेगा।ड्ढr केन्द्र ने एपीएल कार्डधारकों के लिए चावल देना बंद कर दिया है। अभी तक केन्द्र से हर माह एपीएल कार्डधारकों के लिए 12,335 मीट्रिक टन चावल मिलता था। इसका आवंटन खत्म कर उसकी जगह गेहूँ का आवंटन बढ़ाया गया है। ड्ढr रचना सरन लखनऊ सरकारी राशन की दुकानों से गरीबों को मिलने वाले चावल में कटौती कर उसकी जगह गेहूँ देने की तैयारी है। सरकारी राशन की मात्रा में फेरबदल केन्द्र सरकार के निर्देशों के तहत होगा। बीपीएल (गरीबी की रखा के नीचे जीवनयापन करने वाले) परिवारों को अब पाँच किलोग्राम चावल कम मिलेगा। इसकी जगह उन्हें पाँच किलोग्राम गेहूँ यादा मिलेगा। एपीएल (गरीबी की रखा से ऊपर) कार्डधारकों को फिलहाल गेहूँ से ही काम चलाना होगा क्योंकि केन्द्र ने उनके लिए चावल का आवंटन बंद कर दिया है।ड्ढr उच्चस्तरीय सृूत्रों के अनुसार, केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने राय सरकार से नई व्यवस्था लागू करने को कहा है। यह बदलाव जुलाई से लागू होने की उम्मीद है। इस व्यवस्था से फिलहाल अन्त्योदय और अन्नपूर्णा योजना को दूर रखा गया है।ड्ढr समझा जाता है कि देश में गेहूँ की रिकॉर्ड खरीद को देखते हुए उसे खपाने के लिए केन्द्र सरकार के स्तर से यह फैसला किया गया है। हालाँकि यूपी के सरकारी गोदामों में इस बार चावल की भी कोई कमी नहीं है। विभागीय आला अफसरों के मुताबिक राय सरकार के पास सालाना जरूरत से मात्र एक-दो लाख टन चावल ही कम है।ड्ढr अभी जो व्यवस्था है, उसमें राशन की दुकान से पूर्वाचल के एक बीपीएल परिवार को प्रति माह 25 किलोग्राम चावल और 10 किलोग्राम गेहूँ मिलता है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 किलोग्राम चावल और 15 किलोग्राम गेहूँ मिलता है। नई व्यवस्था में अगले माह से पूर्वाचल में भी 20 किलोग्राम चावल और 15 किलोग्राम गेहूँ मिलेगा।ड्ढr केन्द्र ने एपीएल कार्डधारकों के लिए चावल देना बंद कर दिया है। अभी तक केन्द्र से हर माह एपीएल कार्डधारकों के लिए 12,335 मीट्रिक टन चावल मिलता था। इसका आवंटन खत्म कर उसकी जगह गेहूँ का आवंटन बढ़ाया गया है। ड्ढr ं

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