DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

केन्द्र पर जमकर बरसे नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरोप लगाया है कि केन्द्र की यूपीए सरकार बिहार में पूंजी निवेश की राह में रोड़ा अटका रही है। केन्द्र ने गन्ना से सीधे इथनॉल बनाने पर रोक लगाकर बिहार को हजारों करोड़ रुपये के निवेश से वंचित कर दिया। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि और खाद्य मंत्री शरद पवार को पत्र लिखकर सीधे इथनॉल बनाने पर से रोक हटाने का अनुरोध किया है। सोमवार को जनता दरबार में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान श्री कुमार केन्द्र सरकार पर जमकर बरसे।ड्ढr ड्ढr कांग्रसशासित राज्यों में पेट्रोलियम पदार्थो पर टैक्स कम करने संबंधी यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की सलाह को उन्होंने जनता को ‘कन्फ्यूज’ करने की कोशिश बताया तो श्री पवार द्वारा मोतिहारी में चीनी मील के शिलान्यास को चुनावी हथकंडा करार दिया। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री श्री पवार ढाई साल पहले भी राजश्री चीनी मील वालों को लेकर आए थे। उनके प्रस्ताव को राज्य सरकार ने फौरन मंजूरी दे दी, फिर भी निवेश नहीं हुआ। चीनी मील का शिलान्यास होना तो अच्छी बात है लेकिन चुनावी साल है, इसलिए डर लगता है। चुनाव के बहाने बहुत कुछ ऐसे ही होता रहता है। श्री कुमार ने कहा कि बिहार में गन्ना से सीधे इथनॉल बनाने के अनेक प्रस्ताव आए थे। हमने अप्रैल,07 में ही तमाम प्रस्तावों को मंजूरी के लिए केन्द्र की यूपीए सरकार को सौंप दिया। केन्द्र कई माह तक उस पर कुंडली मारकर बैठा रहा। फिर दिसम्बर में अचानक प्रधानमंत्री का पत्र आया कि वे इथनॉल बनाने की इजाजत नहीं देंगे। बिहार एक झटके में ही हजारों करोड़ रुपये के पूंजीनिवेश से वंचित हो गया। हमने श्री पवार से पुनर्विचार का अनुरोध किया है। मृत को जिंदा करा देने की गुहार!ड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। ‘मृतात्माओं’ को खुद को जीवित कराने के लिए अब जनता दरबार का सहारा लेना पड़ रहा है। सोमवार को हाजीपुर के बिलनपुर गांव की शान्ति देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर उसे जिन्दा करा देने की गुहार लगायी। शान्ति के पति विद्यानन्द सरकारी शिक्षक थे। सात-आठ साल पहले उनका देहान्त हो गया।रिश्तेदारों ने शिक्षा विभाग में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र देकर शान्ति को मरा हुआ साबित कर दिया। नतीजतन जीवित होने के बावजूद पारिवारिक पेंशन उसके भतीजे की पत्नी फूल कुमारी को मिल रही है। शान्ति पिछले सात वषों से वह खुद को जीवित साबित करने की लड़ाई लड़ रही है लेकिन सरकारी बाबू उसे ‘भूत’ के अलावा कुछ और मानने को राजी नहीं। बहरहाल मुख्यमंत्री ने उसे जीवित करने का भरोसा दिलाते हुए मामले को एचआरडी सचिव अंजनी कुमार सिंह को सौंपा। श्री सिंह इस पर जिला शिक्षा अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: केन्द्र पर जमकर बरसे नीतीश