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कानून हाथ में लेने वाले बख्शे नहीं जाएँगे:मायावती

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी विधायकों, सांसदों, राय सरकार के मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों को सार्वजनिक आचरण सुधारने और कानून अपने हाथ में न लेने की नसीहत दी है। मंगलवार को यहाँ पार्टी की बैठक में मुख्यमंत्री ने करीब एक दर्जन मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को खड़ा कर कड़ी फटकार लगाई। थाने में हंगामा करने वाले मंत्री जमुना निषाद के प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी सरकार में किसी को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वह चाहे कितने ही बड़े पद पर क्यों न हो। उन्होंने भविष्य में गलती न दोहराने की हिदायत देते हुए कहा कि न सुधरने वाले नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहें।ड्ढr बैठक में बसपा प्रमुख के तेवर खासे तीखे थे। उन्होंने कहा कि यूपी की जनता ने विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को बहुमत इसीलिए दिया था जिससे प्रदेश को समाजवादी पार्टी की अराजकता और जंगलराज से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर उन्होंने साफ कर दिया था कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को वह माफ करने वाली नहीं। वह न तो दूसर दलों का कल्चर बसपा में चलने देंगी और न आचरण। लेकिन उनकी हिदायतों के बावजूद इस तरह की हरकतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री-विधायक द्वारा थाने में जाकर हंगामा करने या अपराधी को छुड़ाने की हिमाकत करने पर कठोर दण्ड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर बसपा के लोग भी गुण्डई करंगे तो लोकसभा चुनाव में पार्टी किस तरह कानून के राज की बात करगी। राय मंत्रिमण्डल में अपराधी पृष्ठभूमि के व्यक्ितयों के शामिल होने संबंधी मुलायम सिंह यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बसपा अध्यक्ष ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रतिपक्ष के नेता अपनी मंत्रिपरिषद की याद ताजा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि उनकी याददाश्त अच्छी है और वह अपने मंत्रियों की छवि भूले नहीं हैं।ड्ढr बसपा अध्यक्ष ने होमगार्ड मंत्री हरिओम उपाध्याय को खड़ा कर उन्हें पिछले दिनों एक बसपा नेता की पिटाई के लिए डाँट लगाई तो ठाकुरद्वारा के विधायक विजय यादव को आपत्तिजनक सीडी रखने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ित को थाने से छुड़ाने के लिए लताड़ा। आजमगढ़ के सांसद अकबर अहमद डम्पी विदेश में होने के कारण बैठक में नहीं थे। लेकिन पिछले दिनों किसी अपराधी को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर दबाव बनाने के लिए उन्होंने नसीहत दी कि सांसद-विधायकों द्वारा अपराधियों की पैरवी के परिणाम गंभीर होंगे। बैठक में शशि हत्याकाण्ड को लेकर सुर्खियों में चल रहे विधायक आनन्द सेन कथित बीमारी के कारण मौजूद नहीं थे। हालाँकि उनके पिता सांसद मित्रसेन यादव मौजूद थे। इसके अलावा बिजनौर, देवीपाटन मण्डल, चन्दौली आदि कई क्षेत्रों के विधायकों को उनके अभद्र आचरण के लिए फटकार लगाई गई।ड्ढr सार्वजनिक आचरण से इतर राय सरकार के दो मंत्रियों रामवीर उपाध्याय और रामअचल राजभर को भी मुख्यमंत्री ने अन्य कारणों से फटकार लगाई। मुख्यमंत्री परिवहन मंत्री के रोडवेज के घाटे की भरपाई के लिए बसों का किराया बढ़ाने संबंधी बयानों को लेकर नाराज थीं तो ऊर्जा मंत्री द्वारा अनावश्यक रूप से उन्हें चिठ्ठी लिखने से। उन्होंने गुस्से में कहा कि उपाध्याय को वह भी जवाब चिठ्ठी लिखकर देंगी।

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