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वार्ता के लिए मान गए गुर्चार

धार्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की मध्यस्थता आखिर काम आई। बातचीत के दूसर दौर से पहले महिला आंदोलनकारियों को रिहा करने और 20 अन्य आंदोलनकारियों पर से हत्या का मामला वापस लेने की शर्त रखने वाले गरुार नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला मान गए हैं। अबोयपुर में बुधवार को सरकार और गरुारों के प्रतिनिधिमण्डल में बातचीत होगी। राास्थान सरकार ने इसका स्वागत किया है। मामले को सुलझाने के लिए श्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राो और बैंसला से अलग-अलग मुलाकात की थी।ड्ढr उधर, भरतपुर के बयाना थाने में बैंसला और अन्य गरुार नेताओं के खिलाफ रााद्रोह और दंगा भड़काने का मामला र्दा किया गया है। भरतपुर रां के आईाी उमेश मिश्र ने बताया कि बैंसला और इन नेताओं ने पीलूपुरा में भड़काऊ भाषण दिए। इस मामले में दोषी पाएोाने पर इन्हें 10 साल की साा हो सकती है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर से गरुार प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार-विमर्श भी किया है। बाद में पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि गुर्जर प्रतिनिधियों के साथ अगली बैठक जयपुर में ही होगी। गुर्जर आरक्षण आंदोलन के 1वें दिन मंगलवार को भी भरतपुरोिले के पीलूपुरा में दिल्ली-मुम्बई रेल मार्ग पर आंदोलनकारियों का कब्जा बरकरार है। पुलिस के अनुसार करवाड़ी गाँव के पास करीब तीन हाार लोगोमा हैं। गत 23 मई से यहीं रल रोको अभियान की शुरुआत बैंसला और साथियों ने की थी। दौसाोिले के सिकंदरा चौराहे पर भी 24 मई से लगाया गयाोामोारी है। सवाई माधोपुर, अलवर और करौली में चारोगह भी गरुारों ने रास्तेोाम कर रखे हैं।ड्ढr इस बीच, समाावादी पार्टी ने गरुारों के प्रति वसुंधरा सरकार के रवैये की तुलनाोलियावालाँ बाग कांड से की है। पार्टी ने मंगलवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील को ज्ञापन देकर राय सरकार को बर्खास्त करने की माँग की। सपा महासचिव अमर सिंह और संसदीय दल के नेता राम गोपाल यादव ने बाद में कहा कि मुख्यमंत्री पर गरुारों के नरसंहार का मुकदमा चलायाोाना चाहिए।

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