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उपग्रहों की रक्षा करगा स्पेस सेल

पिछले साल अंतरिक्ष में अपने उपग्रह को मिसाइल से नष्ट करके चीन ने स्पेस वार की तैयारी का सिग्नल दे दिया था। चीन की इस चुनौती काोवाब देने के लिए अब भारत ने भी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए भारत ने एक इंटीग्रेटेड स्पेस सेल बनाई है। इस सेल के कंधों पर अपने उपग्रहों की रक्षा काोिम्मा होगा। रक्षा मंत्री एके एंटोनी ने मंगलवार को कहा है कि भारत अंतरिक्ष के सैन्यीकरण के खिलाफ है। हालाँकि पड़ोस में ही आक्रामकता का ढाँचा तैयार कियाोा रहा हो, तो आत्मरक्षा के लिए कुछ न कुछ करनाोरूरी है। फिर भी भारत और चीन दोनों को एक-दूसर की चिंताओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत पड़ोसियों से किसी तरह का विवाद नहीं चाहता है।ड्ढr एंटोनी ने कहा कि दोनों देशों के पास पूर मौके हैं कि परस्पर सहयोग और विकास के लिए काम कर सकें। उन्होंने बताया कि स्पेस सेल इंटीग्रेटेड डिफेंस सर्विसेा के तहत काम करगी। यह सेना, अंतरिक्ष विभाग और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के बीच तालमेल केोरिए अपना काम करगा। इसरो के अध्यक्षोी. माधवन नायर ने पिछले साल दावा किया था कि चीन की तरह मिसाइल से भारत भी उपग्रह नष्ट कर सकता है लेकिन हमें राानीतिक अनुमति चाहिए। इसरो हाल ही में पहला सैनिक उपग्रह भेाा था,ोिससे देश की सैनिक क्षमताएँ भी बढ़ी हैं।ोल्द ही इस तरह के कुछ और कदम इसरो उठाएगा।

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