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जिला स्कूल में शिक्षक तीन, छात्र एक भी नहीं

जिले में चल रहे वोकेशनल कोर्स का हाल-बेहाल है। इसका अंदाजा महा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला स्कूल में तीन शिक्षक है। यहां छात्र एक भी नहीं है। यह आलम विगत तीन साल से है। शिक्षक बिना काम के ही वेतन उठा रहे हैं। यही हाल हाई स्कूल बेड़ो और सिल्ली का भी है। यहां वोकेशनल में एक भी छात्र नहीं है।ड्ढr इधर सरकार वोकेशनल कोर्स को नया आयाम देने की तैयारी में है। समय-समय पर नये-नये वोकेशनल कोर्स लांच किये जा रहे हैं, लेकिन छात्रों का रुझान इस ओर नहीं हो पाया। जिले के एक दर्जन स्कूलों में वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई हो रही है। इसके लिए 51 शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर हैं। कुल छात्रों की संख्या 228 है। शिव नारायण मारवाड़ी स्कूल अपर बाजार में तो चार शिक्षक है, जबकि छात्रों की संख्या भी चार ही है। बालकृष्ण हाई स्कूल में पांच शिक्षक 2छात्र को पढ़ाते हैं। इससे थोड़ी बेहतर स्थिति एसएस डोरंडा बालिका एवं कांके की है। डोरंडा में छह शिक्षक पर 74 छात्र जबकि कांके में पांच शिक्षक पर 66 छात्र हैं। राजकीय गर्ल्स स्कूल बरियातू में छह शिक्षक पर मात्र 27 छात्र हैं। इन शिक्षकों के वेतन एवं वोकेशनल कोर्स की सामग्री खरीद पर हर माह लाखों रुपये पानी में जा रहा है। वैसे डीइओ अशोक शर्मा को इसकी जानकारी मिलते ही उन्होंने बिना छात्रवाले स्कूलों के शिक्षकों का प्रतिनियोजन रद्द कर दिया है।

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