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क्रीमीलेयर की आय सीमा बढ़ाए जाने की मांग

विभिन्न रायों के लगभग सभी पिछड़ा वर्ग आयोगों ने मांग की है कि पिछड़े वर्ग के समृद्ध तबके के लिए तय की गई आय की सीमा में बढ़ोतरी की जानी चाहिए। इन आयोंगो के अध्यक्षों ने अपनी यह मांग राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा आयोजित एक बैठक में रखी। रायों के इन आयोगों का मत था कि वर्तमान परिस्थितिआें को देखते हुए सरकारी सेवाआें में आरक्षण के लिए अन्य पिछड़े वर्ग के समृद्ध लोगो के लिए जो आय सीमा तय की गई थी वह अब नाकाफी है, इसलिए अब इसे बढ़ाया जाना चाहिए। कर्नाटक के आयोग का विचार था कि आय सीमा बढ़ा कर दस लाख की जानी चाहिए। आयोग के अध्यक्ष डॉ सीके द्वारकानाथ ने कहा कि आज शिक्षा पर खर्च बढ़ गया है साथ ही मूल्य सूचकांक में भी तेजी है, इसलिए दस लाख की सीमा न्यायपूर्ण है। मध्य प्रदेश ने भी इसी आय सीमा का समर्थन किया है। हालांकि आंध्र प्रदेश ने इस सीमा को पांच लाख किए जाने का मत व्यक्त किया है। आयोग ने पिछले महीने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगो से राय मांगी थी कि पिछड़े वर्ग के समृद्ध तबके के लिए आय सीमा क्या होनी चाहिए। लोगो को अपनी राय जाहिर इसी महीने तक बतानी थी। पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय ने उच्च शिक्षा के लिए शैक्षणिक संस्थाआें में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण देने को वैध ठहराया था, लेकिन इसमें क्रीमीलेयर को इससे बाहर रखने का भी आदेश दिया था। उच्चतम न्यायालय के इस फैसले से देश की राजनीति में उबाल आ गया था। विभिन्न राजनीतिक पार्टिआें ने मांग की कि आरक्षण के लिए समृद्ध तबके की आय सीमा में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।

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  • Web Title: क्रीमीलेयर की आय सीमा बढ़ाए जाने की मांग