अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिहार की अर्थव्यवस्था ज्ञान आधारित

तेजी से बदलती दुनिया में बिहार को आगे लाने की जरूरत है। बिहार की अर्थव्यवस्था ज्ञान आधारित है। इस नॉलेज बेस्ड इकॉनोमी में राज्य को भी आवश्यक बदलाव करने की जरूरत है। बिहार इंस्टीच्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बिपार्ड) के महानिदेशक जेएस दत्त ने कॉलेज ऑफ कामर्स में डीटीएस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि बिहार को अब लीडिंग रोल में आना होगा। उन्होंने कहा कि कुशल प्राध्यापक एवं प्रखर छात्र ही बिहार के भविष्य हैं।ड्ढr ड्ढr कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, नई दिल्ली के प्रो. जे. गुहा राव ने कहा कि आज के दौर में शिक्षकों का प्रशिक्षण बहुत अनिवार्य है। इस अवसर पर भारत सरकार के पूर्व अवकाश प्राप्त उपसचिव केसी. घोष ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। कॉलेज के प्राचार्य डा. सुरश प्रसाद सिंह ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि व्यक्ितत्व के विकास के बगैर समाज का विकास संभव नहीं है। इस तरह के कार्यक्रम से शिक्षकों को व्यक्ितत्व विकास में सहायता मिलेगी। पांच दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 30 प्राध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।ड्ढr ड्ढr कार्यक्रम का संचालन प्रो. कुमार मंगलम् व धन्यवाद ज्ञापन डा. मनोज कुमार ने किया। इस मौके पर डा. आर. कृष्ण कुमार, सिस्टर डॉरिस डिसूजा, डा. दिनेश प्रसाद सिंह, डा. मनोज कुमार, डा. नीलिमा सिंह, डा. शैलेन्द्र कुमार चौधरी, डा. एमपी सिंह, डा. रामेश्वर राय, डा. बिन्दु सिंह, डा. शौकत आरा आदि उपस्थित थीं। इसमें बिपार्ड के संयोजक अमिताभ प्रसाद ने विशेष भूमिका निभाई।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बिहार की अर्थव्यवस्था ज्ञान आधारित