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अमेरिका ने परमाणु समझौते प्रति समर्थन दोहराया

अमेरिका ने भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के प्रति समर्थन एक बार फिर दोहराते हुए भारत को याद दिलाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव से पूर्व इस समझौते को अमेरिकी कांग्रेस में पारित करना जरूरी होगा। ब्रिटिश समाचार पत्र में इस समझौते के टूटने के कगार पर पहुंचने संबंधी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोन्जालो गेल्लेगोस ने कहा, ‘‘बुश प्रशासन इस समझौते का समर्थन कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस समय हम ऐसी स्थिति में हैं जब यह समझौता भारत सरकार और वहां की जनता के लिए है। अब इस संबंध में भारत को निर्णय लेना है। हम इस समझौते के समर्थन में हैं और चाहते हैं और हमें उम्मीद है कि निकट भविष्य में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।’’ गौरतलब है कि इस समझौते से पूर्व भारत को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ सेफगार्ड समझौते पर हस्ताक्षर करना होगा। इसके अलावा परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के 45 देशों से भी भारत को समर्थन प्राप्त करना होगा। ब्रिटिश समाचार पत्र ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें कहा गया था कि भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता लगभग टूटने की कगार पर है, क्योंकि भारत की ओर से कदम उठाने में देर हो रही है।

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