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खेलों की नहीं आईपीसी की धारा रट रहे हैं विजेंदर

खेलों की नहीं आईपीसी की धारा रट रहे हैं विजेंदर

इस साल के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए विभिन्न देशों के खिलाड़ी जहां राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों की तैयारियों में जुटे हैं वहीं ओलंपिक पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह इन दिनों भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और सीआरपीसी की धाराएं रट रहे हैं।

हरियाणा पुलिस में डीएसपी पद पर कार्यरत विजेंदर से राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के लिए उनकी तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आज यहां एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा, अभी तो मैं पुलिस की तैयारियों में लगा हूं। अभी मैं आईपीसी और सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) की धाराएं याद कर रहा हूं। एशियाई खेलों में अभी वक्त है।

बीजिंग ओलंपिक का कांस्य पदक विजेता यह मुक्केबाज इसके अलावा अपनी फिल्म फुगली के प्रचार में भी व्यस्त है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में थोड़ी तैयारियों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे।

विजेंदर ने कहा कि मुक्केबाजी के लिए बहुत अधिक तैयारियों की जरूरत नहीं पड़ती। दो तीन महीनों की तैयारी काफी होती है। मैं इसके बाद आगे जो भी टूर्नामेंट होंगे उनमें भाग लूंगा। मेरे कोच जिस भी टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए कहेंगे मैं उसमें खेलूंगा।

भारतीय मुक्केबाजी में गुटबाजी के बारे में विजेंदर ने कहा कि जो भी व्यक्ति इस खेल को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा वह उसका साथ देंगे। उन्होंने कहा कि मेरा काम मुक्केबाजी करना है और मैं हर उस व्यक्ति का साथ दूंगा जो इस खेल की भलाई के बारे में सोचेगा, फिर चाहे वह अभय सिंह चौटाला हो या मुरलीधरन राजा।

विजेंदर ने इसके साथ ही उम्मीद जतायी कि दर्शक उनकी आने वाली फिल्म फुगली का भी लुत्फ उठायेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने इस फिल्म पर काफी मेहनत की है और आशा है कि दर्शकों को यह पसंद आएगी।

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