अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कैमूर के गांव मेंफाइलेरिया फैला

उग्रवाद प्रभावित अधौरा का दहार ऐसा गांव है, जहां फाइलेरिया के एक सौ से भी अधिक मरीा हैं। फिर भी स्वास्थ्य महकमा इससे अनभिज्ञ है। यह गांव पहाड़ के उपर और जंगल के मध्य में बसा है। ग्रामीण बताते हैं कि गांव में इस रोग के खिलाफ स्वास्थ्य प्रशासन ने न तो कभी अभियान चलाया और न ही लार्वा नाशक दवा का छिड॥काव ही कराया है। स्थिति यह है कि इस गांव में हर वर्ष फाइलेरिया के मरीाों की संख्या बढ़ रही है।ड्ढr ड्ढr इस संबंध में कैमूर के सिविल सर्जन डा. उचित लाल मंडल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि फाइलेरिया विभाग का कार्यालय जिले में नहीं है और यह कार्यक्रम रोहतास जिले से संचालित होता है। वहीं पर बात कीािए। रोहतास के सिविल सर्जन डा. रामनगीना प्रसाद सिंह से दूरभाष संख्या 22203पर बात की गई तो उन्होंने साफ कहा कि रोहतास से कैमूर का फाइलेरिया कार्यक्रम संचालित नहीं होता है, जब उन्हें बताया गया कि कैमूर के सीएस ने ऐसी जानकारी दी है तो उन्होंने कहा कि पता लगवाते हैं। वैसे रोहतास में भी फाइलेरिया अफसर नहीं है। रोग से दहार गांव के केश्वर पाण्डेय, कोमली देवी, बालकेश्वर गुप्ता, जगदीश पासवान, अजरुन सिंह, अमरावती देवी, मनोहारी कुंवर, सुरश बैगा, शांति कुंवर, बुढ़वी देवी सहित एक सौ से भी अधिक लोग ग्रसित हैं। डा. मंडल ने बताया कि इसकी जानकारी रोहतास के सीएस को देंगे और फाइलेरिया विभाग की टीम को वहां भेजने के लिए कहा जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कैमूर के गांव मेंफाइलेरिया फैला