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देर से लिया गया सही फैसला: नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भागलपुर दंगापीड़ितों को केन्द्र द्वारा दिये गये पैकेज को देर से लिया गया एक सही फैसला बताया है। गया से लौटने के बाद गुरुवार को बिहार हैंगर में संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में ही उन्होंने दंगापीड़ितों को सिखविरोधी दंगापीड़ितों के समान पैकेज देने की मांग की थी। इस सिललिसे में वे प्रधानमंत्री से भी मिले। तब जाकर केन्द्र ने यह निर्णय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जस्टिस एन.एन.सिंह की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया गया जिसने भागलपुर दंगापीड़ितों को सिखविरोधी दंगापीड़ितों के समान पैकेज देने की सिफारिश की थी।ड्ढr ड्ढr वैसे दंगापीड़ितों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलनी है, इसकी समीक्षा तो केन्द्र का पत्र मिलने के बाद होगी। फिर भी इस निर्णय के लिए केन्द्र को धन्यवाद तो दिया ही जा सकता है। श्री कुमार ने कहा कि भागलपुर दंगापीड़ित लम्बे समय तक भेदभाव के शिकार बने रहे। राज्य में एनडीए की सरकार बनने के बाद ही दंगापीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रयास शुरू हुआ। ठोस साक्ष्य रहने पर भी जिन मामलों को बन्द कर दिया गया था, उनका स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को सजा दिलाई गयी। बड़ी तादाद में लोगों को उनकी संपत्ति पर दोबारा कब्जा दिलाया गया है। राज्य सरकार ने सितम्बर, 07 में तमाम दंगापीड़ित परिवारों को आजीवन पेंशन देना शुरू किया।

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