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फिर सिल्ट गई राजधानी की नालों में

एक बार फिर पटना नगर निगम की अदूरदर्शिता का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा। नालों की सफाई पर तो लाखों रुपये खर्च कर दिए गए। नाले की सफाई कर सिल्ट को बाहर निकाला भी गया लेकिन उसे उठाया नहीं जा सका। इस संबंध में पूछने पर निगम के पदाधिकारी कहते हैं कि सूखने के बाद ही सिल्ट को उठाया जाता है। अब इस स्थिति में आम लोगों का कहना है कि आखिर सिल्ट के सूखने का इंतजार बारिश होने तक क्यों किया जाता है। बाकरगंज नाला की सफाई कार्य के लिए कई दिनों तक अभियान चला।ड्ढr ड्ढr इस दौरान हाारों रुपये खर्च किए गए लेकिन गुरुवार को हुई बारिश में नाला के किनार रखा गया लगभग आधा सिल्ट नाले में चला गया। इस संबंध में पार्षद ज्योति गुप्ता ने कहा कि इसे हटाने के लिए कई बार निगम पदाधिकारियों को कहा गया लेकिन किसी ने नहीं सुनी। कुछ ऐसी ही स्थिति जोगीपुर से पहाड़ी आउटलेट के बीच कई स्थानों पर है। वहीं सैदपुर नाले में भी किनार में रखे गए सिल्ट फिर से नाले में चला गया है। इसी तरह मेनहोल व कैचपिटों की सफाई के बाद निकाले गए सिल्ट को सड़क से नहीं हटाए जाने के कारण बरसात के पानी के साथ वह वापस उसी में चला गया है।

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