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लोजपा राष्ट्रीय परिषद का चुनाव 18 को

लोजपा की 40 सदस्यीय राष्ट्रीय परिषद का चुनाव 18 जून को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में होगा। शुक्रवार को राज्य परिषद सदस्यों की नयी सूची जारी करते हुए पार्टी के राज्य निर्वाचन पदाधिकारी सह किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राणा गंगेश्वर सिंह ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से एक-एक सदस्य निर्वाचित किये गये हैं। डॉ. रंजन प्रसाद यादव, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. संजय पासवान, पशुपति कुमार पारस, महेश्वर सिंह, संजय सिंह, सतीश कुमार, काली पाण्डेय, मौलाना गुलाम रसूल बलियावी, डॉ. सत्यानन्द शर्मा, एस.एन.सिंह और डॉ. इरशाद खां समेत पार्टी के सभी सांसद, विधान पार्षद, विधायक, जिला और महानगर इकाई के अध्यक्ष राज्य परिषद के पदेन सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि 18 जून को प्रदेश लोजपा के नये अध्यक्ष का भी चुनाव होगा। इसके लिए 16-17 जून को नामांकन दाखिल किया जायेगा।ड्ढr ड्ढr प्रभुनाथ समेत 11 आरोपितों के बयान दर्जड्ढr पटना (हि.प्र.)। हत्या और अपहरण कर हत्या करने के दो कांडों में आरोपित जदयू सांसद प्रभुनाथ सिंह समेत 11 आरोपितों के बयान अदालत ने शुक्र वार को दर्ज किए गए। इन दोनों कांडों के आरोपित जदयू सांसद प्रभुनाथ सिंह, दीनानाथ सिंह, अजरुन सिंह, मदन सिंह,दूधनाथ सिंह, ललन सिंह, धर्मनाथ सिंह, नंद किशोर, बिन्देश्वरी प्रसाद, हरन्द्र सिंह और केदार सिंह का बायान को फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश कमल किशोर सिन्हा ने दर्ज किया।सांसद प्रभुनाथ सिंह समेत सभी आरापितों ने अपने उपर लगाए गए सभी आरापों को इंकार कर दिया। उन्हाने कहा कि हमलोगों को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। हम लोग निर्दोष हैं। सांसद समेत सभी आरोपित अपने बचाव में अदालत में साक्ष्य देने की बात कहीं। अदालत ने इन दोनों कांडों में आरोपितों के बयान दर्ज करने के बाद बचाव में साक्ष्य देने के लिए 27 जून को अगली तिथि मुकर्रर की है। 15 मई 1ो 12 बजे दिन में मशरख मिडिल स्कूल में सांसद प्रभुनाथ सिंह समेत चार आरोपितों ने मिलकर रामइकबाल मांझी, ललन राम,राजू राय का अपहरण कर ले गए और रामइकबाल मांझी और राजू राम की हत्या कर दिए। दूसरा मामला में 7 मार्च 1ो 11 बजे दिन में मशरख टैक्सी स्टैण्ड, हनुमान जी के मंदिर के पास सांसद प्रभुनाथ सिंह ने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर राजू उर्फ राजनारायण और किशोरी राय को गोली मार कर हत्या कर देने का आरोपित है। इन दोनों कांडों का ट्रायल पटना सिविल कोर्ट की फास्ट ट्रैक कोर्ट तृतीय की अदालत में चल रहा है।ड्ढr ड्ढr ऊर्जा क्षेत्र में दिखने लगा सुधारड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। बिहार में ऊर्जा सुधार के कार्यों का असर दिखने लगा है। एक ओर जहां बिहार में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है वहीं सुदूर गांवों में भी बत्ती जगमगाने लगी है। अगले दो वर्षो में बिहार की क्षमता 5500 मेगावाट तक पहुंच जाएगी और यह मौजूदा क्षमता से ढाई गुना से भी अधिक होगी। यही नहीं राजधानी पटना की मांग भी दोगुनी से अधिक हो जाएगी। फिलहाल बिहार की अधिकतम मांग 100-2000 मेगावाट ही है, जबकि पटना की 350 मेगावाट। पावरग्रिड को बिहार में बिजली सुधार की जिम्मेवारी सौंपी गई है। उसके द्वारा दो चरणों में बिजली सुधार के कार्य चलाए जा रहे हैं। पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है जबकि दूसर चरण का काम युद्धस्तर पर जारी है। दूसर चरण का काम अगले दो वर्षो में पूरा हो जाएगा, तब बिहार की जरूरत पांच हजार मेगावाट से भी ऊपर पहुंच जाएगी। पहले चरण के कार्य का ही असर था कि गत वर्ष बिहार ने दुर्गा पूजा के अवसर पर चार दिनों तक 1400 मेगावाट बिजली की आपूर्ति पूर प्रदेश में की। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद बिहार की मांग दो गुनी हो गई। पहले जहां बिहार को अधिकतम 600-700 मेगावाट बिजली की आपूर्ति में ही सांस फूलने लगती थी वहीं दो साल में सूबे की कायापलट होने वाली है। पावरग्रिड से मिली सूचना के अनुसार दूसर चरण तक 43 ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण होना है जबकि 2800 किलोमीटर नई संचरण लाइन बनाई जाएगी। इसके अलावा1100 किलोमीटर संचरण लाइन की क्षमता बढ़ेगी। पहले चरण में 18 नए ग्रिड का निर्माण हो चुका है। इन सबके निर्माण के बाद बिहार की क्षमता में 3500 मेगावाट तक की वृद्धि हो जाएगी। इस तरह वर्ष 2010 तक बिहार को 5500 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी।ड्ढr ड्ढr जविप्र से होगी पामोलिन की आपूर्तिड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। उपभोक्ताओं को जन वितरण प्रणाली के माध्यम से अनुदानित मूल्य पर खाद्य तेल (पामोलिन) की आपूर्ति होगी। सरकार का मानना है कि उपभोक्ताओं द्वारा पामोलीन के उपयोग से सरसों तेल की किल्लत में भी कमी आयेगी। लिहाजा अब यह पता लगाया जा रहा है कि क्या जविप्र के उपभोक्ता पामोलीन खरीदेंगे। वैसे केन्द्र सरकार पहले से ही इसकी आपूर्ति को राजी है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलाधिकारियों से उनके यहां राशन कार्डधारियों के लिए अनुदानित मूल्य पर पामोलीन की आवश्यकता का हिसाब मांगा है। जिलों से ब्योरा मिल जाने के बाद केन्द्र को इसकी सूचना देकर पामोलीन की मांग की जायेगी। वैसे सूत्रों की मानें तो राज्य में सरसों तेल की कीमत कम हो जाने की वजह से जविप्र दुकानों के माध्यम से पामोलीन की बिक्री के आसार कम ही है।ं

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