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गंगा पर उतरा मनोरम नजारा

गंगा दशहरा के मौके पर राजधानी के गायघाट की शाम अद्भुत-अलौकिक और पावन रही। रूठ गईं मातृ सलिला के मनुहार में पूरी राजधानी ही मां गंगा के दरस (दर्शन)-परस(स्पर्श) को उमड़ पड़ी थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत एचटीमीडिया लिमिटेड के इस आयोजन में हजारों भक्तों ने गंगा की स्तुति की। बिहार वासियों पर प्रसन्न रहने के लिए उनका वंदन किया और दीपदान तथा महाआरती द्वारा मां गंगा को गुहार लगायी। यही अलौकिक नजारा गायघाट, खाजेकला, गांधी घाट, काली घाट, मनेर, मोकामा, बाढ़, बक्सर से लेकर साहेबगंज तक के सभी प्रमुख घाटों पर दृश्यमान हुआ।ड्ढr ड्ढr मुख्य आयोजन स्थल गायघाट पर गंगा की बालुका राशि पर फैली चादर ने अपने स्नेहमयी आंचल में जैसे भक्तों को समेट लिया था। गायघाट पुल और उसके ऊपर चमचम करते दीपाधार, नीचे गंगा की कोख में नावों का काफिला और चहुंओर असंख्य दीप। सामने मंच पर वाराणसी के ब्राह्मणों की अलौकिक महाआरती। मां गंगा के प्रति भक्ित से सराबोर इस भावना ने दूसरी ही दुनिया का निर्माण किया। यह गंगा दशहरा पर्व को देखने की ललक ही थी, जो पूरी राजधानी को गंगा तटों पर खींच लाई थी। गंगा के कछार पर जल को पाश्र्व बनाकर कलाकारों के लिए बना मंच, उस पर भजन-कीर्तन और मां गंगा की अनवरत स्तुति, नृत्य नाटिका से पावन होता पूरा परिवेश। धरती पर मां गंगा के अवतरण की तिथि यानी की जेठ शुक्ल दशमी को इस घाट पर यादगार बनाने की एचटी मीडिया लिमिटेड की एयरटेल के सौजन्य से शानदार कोशिश।

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