DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

स्कूल भवन निर्माण पर नजर रखेंगी महिलाएं

त्रिस्तरीय पंचायती राज में आधा हक देने के बाद राज्य सरकार ने अब महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में उतारने की तैयारी कर ली है। सूबे में नए स्कूल भवनों के निर्माण की निगरानी की कमान अब महिलाओं के हाथों में होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि स्कूल भवनों के निर्माण का पैसा शिक्षा समितियों को सौंपा जा रहा है। शिक्षा समितियों में भी अब बच्चों की मांओं की भागीदारी होगी। इस लिहाज से अब उन्हें यह देखना होगा कि स्कूल का पैसा लेकर कोई भागे नहीं। शिकायत मिलने पर तत्काल मुख्यमंत्री सचिवालय को पोस्टकार्ड पर सूचनाएं भेजें। सरकार त्वरित कार्रवाई करगी।ड्ढr ड्ढr राज्य महिला आयोग की ओर से शुक्रवार को एस.के.मेमोरियल हॉल में आयोजित ‘महिला जागृति महोत्सव’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की हर बच्ची स्कूल जाए यह सरकार का लक्ष्य है। बच्चियां पढ़ेंगी तो अगली पीढ़ी भी शिक्षित होगी। उन्होंने कहा कि बिहार की महिलाओं, महादलितों, अतिपिछड़ों और अल्पसंख्यकों में हाल के दिनों में जो जागृति पैदा हुई है उससे अब यह लगने लगा है कि भावनाओं से खेलने और जुबान चलाने वालों की अब खैर नहीं है। जनता अब काम चाहती है। उन्होंने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों में आत्मविश्वास जगा है और उनमें जबरदस्त इच्छा शक्ित भी है। यह तसल्ली देने वाली बात है।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री ने कहा कि 80 हजार आंगनबाड़ी केन्द्र खुलने हैं। इनको स्कूलों के साथ जोड़ा जाएगा। आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी जनतांत्रिक तरीके से चुनाव कराए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार पिछड़ा और गरीब जरूर है पर महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण देने से यहां जबरदस्त सामाजिक क्रांति पैदा हुई है। दूसर राज्य इसका अनुशरण कर रहे हैं। इस मौके पर महिला आयोग की अध्यक्ष लेसी सिंह, पंचायती राज मंत्री हरि प्रसाद साह, नरन्द्र सिंह, वृशिण पटेल सहित विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: स्कूल भवन निर्माण पर नजर रखेंगी महिलाएं