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पीयू के प्रशासनिक ढांचे में व्यापक फेरबदल

आखिरकार पटना विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल कर दी गयी। विवि प्रशासन ने प्रभार पर चल रहे विभागों में स्थायी पदाधिकारियों की नियुक्ित कर दी गयी है। पटना विवि के कुलसचिव डा. विभाष कुमार यादव ने बताया कि प्रॉक्टर व विकास पदाधिकारी समेत कई प्रभार पर चल रहे पदों पर स्थायी नियुक्ित की गयी है। हालांकि उन्होंने दूर शिक्षा निदेशालय के निदेशक को बदले जाने की पुष्टि नहीं की।ड्ढr ड्ढr पटना विवि के प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल की चर्चा तो कुलपति डा. श्याम लाल के आने के बाद से ही चल रही थी। वहीं प्रॉक्टर व डीन ने कुलपति से कई बार अपने को हटाने का अनुरोध भी किया था। वहीं नए सत्र में अब विभिन्न पदों पर नए पदाधिकारियों को छात्र देखेंगे। पटना विवि में कुलानुशासक डा. भगवान प्रसाद सिंह के स्थान पर प्रो. रासबिहारी सिंह को बनाया गया है। वहीं डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. एजाज अली अरशद के स्थान पर पूर्व प्रॉक्टर डा. विजय शंकर दूबे को यह पद दिया गया है। डा. भगवान प्रसाद सिंह के स्थान पर डा. दुर्गानंद झा को विश्वविद्यालय विकास पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं पटना कला एवं शिल्प महाविद्यालय के प्राचार्य डा. अनुनय चौबे के मॉरीशस में प्रतिनियुक्ित पर जाने के कारण प्रभारी प्राचार्य के रूप में डा. अतुल आदित्य पांडे को पदभार सौंपा गया है।ड्ढr ड्ढr कुलसचिव ने बताया कि डीन के पद पर कार्यरत डा. एजाज अली अरशद को उर्दू विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कुलपति ने इन पदों पर स्थायी नियुक्ित का निर्णय लिया है। हालांकि खबर उड़ी कि पटना विवि के दूर शिक्षा निदेशालय के निदेशक के पद पर डा. कार्यानंद पासवान को बैठाया गया है लेकिन कुलसचिव ने इस पर अनभिज्ञता जताई। वहीं चर्चा है कि विवि में सभी रिाल्टों के प्रकाशन के बाद परीक्षा नियंत्रक को भी बदला जाएगा।

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