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बदलेगा क्लास एक से दस तक का सिलेबस

अब सरकारी स्कूल में पढ़नेवाले छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना बनायी जा रही है। बिहार में गणित व विज्ञान की शिक्षा को तो अन्य बोर्ड की तुलना में बेहतर माना ही जाता है। हालांकि राज्य सरकार भी सीबीएसई की तर्ज पर एनसीईआरटी के सिलेबस को आधार बनाने की योजना बना रहा है लेकिन एससीईआरटी ने इसको और बेहतर बनाने की योजना को लगभग पूरा कर लिया है। कक्षा एक से ही छात्रों को ऐसे पाठय़क्रम की जानकारी उपलब्ध करायी जाएगी जिससे उनकी नींव मजबूत हो सके।ड्ढr ड्ढr राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की तरफ से राज्य के स्कूली पाठय़क्रम में बदलाव के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय कार्यशाला में विशेष रूप से उन विषयों पर चर्चा की गयी जिनके सिलेबस अन्य बोर्ड की तुलना में कमजोर या फिर कम प्रतिस्पर्धी हैं। सरकार ने पहले ही निर्णय लिया था कि छात्रों को अब व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।ड्ढr ड्ढr इसके लिए एससीईआरटी सिलेबस अपग्रेडेशन कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एससीईआरटी द्वारा भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल, नागरिकशास्त्र, अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू, संस्कृत, भोजपुरी, मैथिली, अरबी, फारसी, अर्थशास्त्र जसे विषयों के सिलेबस में संसोधन किया जाएगा।ड्ढr ड्ढr सत्र 200से नए सिलेबस को लागू करने की योजना है। इसके लिए किताबों का प्रकाशन सिलेबस को अंतिम रूप देने के बाद किया जाएगा। कार्यशाला में भाग ले रहे पटना विवि के शिक्षक प्रो. रासबिहारी सिंह ने बताया कि छात्रों को बेहतर शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बेहतर सिलेबस तैयार किया जा रहा है। सिलेबस निर्माण में सभी विषयों में आधुनिक दृष्टिकोण व व्यावसायिक नजरिए को तराीह दी गयी है। परंपरा, संस्कृति व गंभीर सोच को सामने रखकर बच्चों के लिए पाठय़क्रम तैयार किया जा रहा है। कार्यशाला में शिक्षाविद प्रो. शैलेश्वर सती प्रसाद, प्रो. सुरंद्र स्निग्ध, डा. शंकर प्रसाद, श्यामदास मिश्र, एससीईआरटी के निदेशक हसन वारिस समेत कई विद्वानों ने भाग लिया।

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  • Web Title: बदलेगा क्लास एक से दस तक का सिलेबस