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भारत के पास 2007 का प्रदर्शन दोहराने का मौका : जोगिंदर

भारत के पास 2007 का प्रदर्शन दोहराने का मौका : जोगिंदर

भारत की टवेंटी 20 विश्व कप 2007 की खिताबी जीत के नायक रहे ऑलराउंडर जोगिंदर शर्मा का मानना है कि अच्छा स्पिन आक्रमण होने के कारण महेंद्र सिंह धौनी की टीम के पास बांग्लादेश में होने वाली आगामी टी20 चैंपियनशिप में जीत का बेहतरीन मौका है।

कार दुर्घटना से उबरकर अब फिर भारतीय टीम में वापसी की कवायद में लगे जोगिंदर का विश्व कप 2007 के फाइनल में आखिरी ओवर निर्णायक साबित हुआ था। इसके बाद भारत टी20 विश्व कप में कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया लेकिन हरियाणा के इस ऑलराउंडर को लगता है कि टीम इस बार दक्षिण अफ्रीका में खेले गए टूर्नामेंट के प्रदर्शन को दोहरा सकती है।

जोगिंदर ने कहा कि टी20 छोटा प्रारूप है और इसमें कुछ भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। लेकिन भारतीय खिलाड़ी इस प्रारूप में काफी अनुभवी हैं। हमारी बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण मजबूत है। गेंदबाजी कमजोर मानी जा रही थी लेकिन टूर्नामेंट बांग्लादेश में होगा और वहां स्पिनरों पर काफी कुछ निर्भर करेगा। हमारे पास अच्छा स्पिन आक्रमण है और मुझे लगता है कि हमारे पास यह बहुत अच्छा मौका है।

भारत ने 2007 में जोहानिसबर्ग में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान को पांच रन से हराया था। पाकिस्तान को जब आखिरी छह गेंदों पर 13 रन चाहिए थे तब धौनी ने जोगिंदर को गेंद सौंप दी थी। मिसबाह उल हक ने छक्का जड़ा जिससे लक्ष्य चार गेंद पर छह रन रह गया लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज अगली गेंद पर कैच दे बैठा।

इस ऑलराउंडर ने उस दिन को याद करते हुए कहा कि तब टी20 की शुरुआत थी और 13 रन काफी थे। आज तो 20 रन भी हासिल कर दिये जाते हैं, लेकिन तब मुझे विश्वास था कि एक रन पहले भी मैं उन्हें रोक दूंगा। हमें केवल एक विकेट की जरूरत थी।

जोगिंदर ने कहा कि मिसबाह ने जब मेरी गेंद पर छक्का लगाया तो मैं घबराया नहीं था। मुझे लग रहा था कि मैं उसे आउट कर दूंगा। मैंने अगली गेंद कुछ धीमी की और उसने कैच दे दिया। वह मेरे लिए बहुत खुशी का क्षण था। मैं पेशेवर क्रिकेटर हूं और मुझे इस तरह की चुनौती पसंद है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्रिकेटर का सपना होता है कि वह भारत की तरफ से खेले। इसके बाद वह विश्व कप में खेलने का सपना देखता है। काफी खिलाड़ी ऐसे हैं जो विश्व कप में नहीं खेल पाये लेकिन मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहा।

जोगिंदर के इस करिश्माई प्रदर्शन के बाद लग रहा था कि उन्हें आगे भारत की तरफ से मैच खेलने के अधिक मौके मिलेंगे लेकिन दुर्भाग्य से यह उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित हुआ। इसके बाद नवंबर 2011 में कार दुर्घटना के कारण उनके क्रिकेट करियर पर सवालिया निशान लग गया था लेकिन अब वह पूरी तरह फिट हैं। उन्होंने पिछले साल घरेलू क्रिकेट में वापसी भी की।

भारत की तरफ से चार वनडे और इतने ही टी20 मैच खेलने वाले जोगिंदर ने कहा, विश्व कप के बाद 2008 में मैं कंधे और एड़ी की चोट से परेशान रहा। मैंने 2009 में (घरेलू क्रिकेट) वापसी की। मैं अच्छे फॉर्म में था लेकिन तभी लेकिन तभी 2011 में दुर्घटना हो गयी।

उन्होंने कहा कि लेकिन अब भी पूरी तरह फिट हूं। मैं खुद को उसी तरह से फिट मान रहा हूं जैसे 2007 में था। मेरी पहले जैसी फिटनेस हो गयी और मैं अच्छा प्रदर्शन भी कर रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि चयनकर्ता मेरे प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं करेंगे।

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