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चुनाव से पहले बढ़ रहा भाजपा का कुनबा

चुनाव से पहले बढ़ रहा भाजपा का कुनबा

लोकसभा चुनावों के पहले भाजपा भी बढ़ रही है और गठबंधन भी बढ़ रहा है। 272 प्लस का नारा दे रही पार्टी बाहरी नेताओं को गले लगाने और गठबंधन में छोटे ही सही मगर काम के और माहौल बनाऊ दलों को भी शामिल करने में जुटी है। हाल में लगभग एक दर्जन छोटे दलों के साथ एनडीए के दलों की संख्या बढ़ी है। भाजपा को उम्मीद है कि इन दलों के साथ उसे कम से कम दो दर्जन सीटों का लाभ होगा। आधा इन दलों के हिस्से में जाएगा और आधा भाजपा के पाले में रहेगा।

दलों की ताकत के बजाए संख्या के लिहाल से एनडीए 1999 के लोकसभा चुनावों की स्थिति में पहुंचता दिख रहा है। भाजपा के लिए यह संख्या इस लिहाज से सुकून देने वाली है, क्योंकि पार्टी के भीतर और बाहर विरोधियों ने यह माहौल बनाया था कि मोदी के आने एनडीए भी नहीं बढ़ेगा और भाजपा के पक्ष के बजाए विपक्ष में ध्रुवीकरण बढ़ेगा। अब भाजपा के कुनबे में गिनने को 16 दल है। यह बात दीगर है कि इनकी कुल ताकत इतनी ही सीटें जीतने की नहीं है। कुछ दल तो जिले और जाति तक ही सीमित हैं। महाराष्ट्र और तमिलनाडु के कुछ दल तो एक चुनाव क्षेत्र तह ही सिमटे हैं। जीत ही मूल मंत्र मानकर चल रही भाजपा को इस बात की ज्यादा परवाह नहीं है कि जो नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उनमें कई छह माह पहले तक वे भाजपा को कोसते नहीं थकते थे। रामविलास पासवान और रामदास आठवले गठबंधन में गले मिले हैं तो उदितराज, राव इंद्रजीत और चंद्रमोहन पटवारी जैसे नेता तो पार्टी में ही शामिल हो गए हैं।

मोदी का नाम आने के बाद पार्टी से जुड़े दल
लोक जनशक्ति पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले), एमडीएमके, पीएमके, डीएमडीके, केमके, आईजेके, स्वाभिमानी शेतकारी संगठन, राष्ट्रीय समाज पक्ष, राष्ट्रीय लोकसमता दल। 

भाजपा और मोदी के लिए समर्थन देने वाले दल: गोरखा जनमुक्ति मोर्चा, नेशनल पीपुल पार्टी, एमएनएस

रामकृपाल होंगे शामिल
राजद के नाराज नेता रामकृपाल यादव मंगलवार को भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने अपनी तरफ से इस पर पत्ते नहीं खोले हैं।

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