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चांदनी चौक के मुकाबले पर देश की नजर

चांदनी चौक के मुकाबले पर देश की नजर

आम चुनाव की सरगर्मी के बीच दिल्ली का दिल कहे जाने वाले चांदनी चौक पर पूरे देश की नजर है। यह अपने पहलू में इतिहास और वर्तमान को एक साथ समेटे हुए है। 17वीं सदी में महान मुगल शासक शाहजहां द्वारा बसाए गए इस इलाके की रूपरेखा उसकी बेटी जहां आरा ने बनाई थी। तब इसकी मुख्य सड़क के बीचों बीच एक नहर बनाई गई थी जिसमें रात के दौरान झिलमिलाती चांदनी खूबसरत नजारा पेश करती थी। इस नजारे से इलाके को चांदनी चौक नाम मिला। आज नहर नहीं है मगर चौक की जगमगाहट में कतई कमी नहीं आई है। बदलते वक्त के साथ राजधानी के सबसे पुराने और व्यस्त बाजारों में शामिल यह इलाका, बड़े थोक बाजार के बतौर मशहूर है।

फिलहाल चांदनी चौक एक संसदीय क्षेत्र के रूप में भी खासी चर्चा में है। मुस्लिम और बनिया बहुल इस इलाके ने बार-बार कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों को चुनकर संसद तक भेजा है। यहां से जीतने वाले उम्मीदवार दिल्ली के साथ साथ देश की सियासत में भी अपनी पहचान रखते रहे हैं। अभी इस सीट पर कांग्रेस के कपिल सिब्बल काबिज हैं जो केंद्रीय मंत्री हैं। सिब्बल के खिलाफ आम आदमी पार्टी आशुतोष को मैदान में उतार चुकी है, जो पत्रकार से नेता बने हैं। सिब्बल उन नेताओं में शामिल रहे हैं जिन्होंने आप पार्टी को उसके आंदोलन के दौरान चुनाव लड़ने की नसीहत दी थी। भाजपा में इस सीट के टिकट के लिए घमासान चल रहा है। चर्चा है कि भाजपा इस सीट से सुधांशु मित्तल को उतारने की तैयारी कर रही है।

मगर तमाम खूबियों के बावजूद पुराने शहर के इस इलाके में सीवर, पानी और पार्किग की समस्या अहम बनी हुई है। चुनाव में ये मुद्दे निश्चित ही उछलेंगे। इस इलाके को चमकाने की योजना पर एमसीडी अब तक काम कर रही थी। दरअसल चांदनी चौक की योजना साल 2010 से भी पहले की है, लेकिन अभी तक यह पूरी नहीं हो सकी थी। अब इस योजना को दिल्ली सरकार ने लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया है जो इसकी रूपरेखा तैयार करने में जुटा है। भाजपा के कार्यकाल में चांदनी चौक में लाल किले के सामने एक पार्क विकसित किया गया।

हालिया विस चुनाव ने बदला समीकरण
साल 2013 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव ने चांदनी चौक क्षेत्र के समीकरणों को बदलने में अहम भूमिका निभाई। इस बदलाव का सबसे अधिक फायदा भाजपा व आप पार्टी ने उठाया है। विधानसभा चुनाव में जहां आप पार्टी ने इस क्षेत्र की चार विधानसभा सीटें जीतीं वहीं भाजपा को  इस लोकसभा सीट की तीन सीटों पर जीत दर्ज कराने का मौका मिला। दो सीटों पर कांग्रेस और एक सीट पर जनता दल ने कब्जा किया।

10 अप्रैल 2014 को मतदान
कब कौन जीता
1957 राधारमन, कांग्रेस
1962 शाम नाथ, कांग्रेस
1967 रामगोपाल शालवाले, जनसंघ
1971 सुभद्रा जोशी, कांग्रेस
1977 सिकंदर बख्त, जनता पार्टी
1980 भिखूराम जैन, कांग्रेस
1984,89,96 जयप्रकाश अग्रवाल, कांग्रेस
1991 ताराचंद खंडेलवाल, भाजपा
1998, 1999 विजय गोयल, भाजपा
2004, 2009 कपिल सिब्बल, कांग्रेस

पिछले लोकसभा चुनावों के नतीजे

2009
प्रत्याशी पार्टी मिले मत मत प्रतिशत
कपिल सिब्बल कांग्रेस 4,65,713 59.67
विजेंदर गुप्ता भाजपा 2,65,003 33.96

2004
कपिल सिब्बल कांग्रेस 1,27,396 71.16%
स्मृति जुबीन ईरानी भाजपा 47,981 26.80%

कपिल सिब्बल
1948 में 08 अगस्त को जालंधर (पंजाब) में जन्म। सैंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली और हार्वर्ड लॉ स्कूल, अमेरिका से शिक्षित। पेशे से वकील।
- 1998 से 1993 तक राज्यसभा सदस्य रहे
- 2000 से 2002 तक कांग्रेस की संसदीय समिति के सचिव रहे
- 2004 में 14वीं लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने के बाद विज्ञान-तकनीक और पृथ्वी विज्ञान मंत्री । 2009 में दोबारा चुने जाने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्री बने, बाद में संचार व सूचना तकनीक और कानून और न्याय मंत्री भी बने।

2004 में लगभग 15.88 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई थी

2011 में लगभग 38 करोड़ रुपये की संपत्ति की घोषणा की

लटके हैं काम
- चांदनी चौक में पार्किग अब तक नहीं बन सकी है
- चांदनी चौक के सौंदर्यीकरण की योजना लटकी है

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