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रामालिंगास्वामी फैलोशिप

रामालिंगास्वामी फैलोशिप

आवेदन की अंतिम
तिथि- 25 मार्च, 2014

देश की युवा प्रतिभाओं को वापस लाने और उनकी क्षमताओं का देशहित में इस्तेमाल करने के उद्देश्य से रामालिंगास्वामी री-एंट्री फैलोशिप का इंतजाम किया गया है। केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से प्रदान की जाने वाली इस फैलोशिप के माध्यम से कृषि, स्वास्थ्य विज्ञान, बायोइंजीनियरिंग, ऊर्जा, पर्यावरण, बायोइंफॉर्मेटिक्स सहित जैव प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों तथा समस्त अन्य संबंद्घ क्षेत्रों में देश के बाहर कार्य कर रहे भारतीयों को फिर से देश में लाने की कोशिश की जा रही है। इस फैलोशिप के जरिए विदेश में काम कर रहे भारतीय वैज्ञानिकों को फिर से देश में अनुसंधान एवं विकास कार्य में जुटने के लिए प्रेरित किया जाता है।

सामान्य योग्यता
इस फैलोशिप को केवल वही वैज्ञानिक पा सकते हैं, जो भारतीय मूल के हैं और विदेश में कार्यरत हैं। विदेश में रह रहे ऐसे भारतीय वैज्ञानिक, जो वापस भारत में आकर काम करने के इच्छुक हैं, वे इस फैलोशिप को अपनी वतन वापसी का माध्यम बना सकते हैं। ऐसे वैज्ञानिक, जो बीते एक साल में ही वापस लौट आएं हैं और इस फैलोशिप के लिए आवेदन की अंतिम तिथि गुजर जाने के कारण बीते साल आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे भी इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अनिवार्य योग्यता 
आवेदक का उच्च डिग्री प्राप्त जैसे पीएचडी, एमडी अथवा इसके समान डिग्री प्राप्त होना जरूरी है। इतना ही नहीं, आवेदक का ट्रैक रिकॉर्ड भी अच्छा होना चाहिए यानी अपनी फील्ड में उसका अब तक का काम बेहतर होना भी जरूरी है।

फैलोशिप की अवधि
रामालिंगास्वामी फैलोशिप पांच साल के लिए प्रदान की जाती है। हालांकि इसे अगले पांच वर्ष के लिए बढ़वाया भी जा सकता है। यानी ये फैलोशिप एक वैज्ञानिक 10 वर्षों के लिए पा सकता है।

मिलने वाली सहायता
इस फैलोशिप के माध्यम से वैज्ञानिक को 75 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जाते हैं, जो राशि आगामी 1 अप्रैल से बढ़ कर 85 हजार होने जा रही है। इसके अलावा छोटे-मोटे इक्विपमेंट खरीदने, अंतरराष्ट्रीय तथा घरेलू यात्राएं करने, श्रमशक्ति को कार्य में लगाने तथा अनुसंधान परियोजना के संबंध में आने वाले खर्च के रूप में 10 लाख रुपए पहले साल में, साढे़ सात लाख रुपए दूसरे साल में और अगले तीन सालों में पांच लाख रुपए की राशि प्रदान की जाती है।

कुछ जरूरी बातें
रामालिंगास्वामी फैलोशिप नियमित वेतन के साथ प्राप्त नहीं की जा सकती। फैलोशिप से पहले या उसकी अवधि के दौरान फैलोशिप पा रहे वैज्ञानिक को नौकरी मिल जाने की स्थिति में वह फैलोशिप या वेतन में से कोई एक ही प्राप्त कर सकता है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें-
डॉं  मीनाक्षी मुंशी,
निदेशक, डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी,
ब्लॉक- 2, सातवां तल, सीजीओ कॉम्प्लेक्स,
लोदी रोड, नई दिल्ली- 110003
वेबसाइट- www.dbtindia.gov.in

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