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मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंटर्नशिप

मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंटर्नशिप

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीसरे साल के अंत में इंटर्नशिप करना अनिवार्य होता है। बिना इंटर्नशिप विद्यार्थियों को उत्तीर्ण नहीं किया जाता। इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को काम की बारीकियां समझाई जाती हैं, जो उन्होंने अपनी किताबों में केवल पढ़ी होती हैं। सामान्य तौर पर एक कर्मचारी की तरह काम की जिम्मेदारियां भी दी जाती हैं।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में अधिकतर चीजें टेक्निकल होती हैं, जिन्हें काफी गहराई से बताया जाता है और उसके सिस्टम का उपयोग करना भी सिखाया जाता है। साथ ही विद्यार्थियों को तर्कसंगत, गणितीय कुशलता और चीजों को अलग नजरिए से देखने की क्षमता प्रदान की जाती है। इंटर्नशिप केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि इंटर्न का तकनीकी ज्ञान बढ़ाने के साथ-साथ उसकी लिखावट और कौशल को भी सुधारती है।

कौन कर सकते हैं आवेदन
किसी भी मान्यताप्राप्त कॉलेज, संस्था  या मान्य विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग के विद्यार्थी ही इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। विद्युत विज्ञान के अन्तर्गत इलेक्रिटकल इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स या टेलीकम्युनिकेशन आदि गिने जाते हैं। छात्र को विभिन्न तकनीकों के बारे में जिज्ञासु, उत्कृष्ट संचार कौशल का धनी और दृढ़ होना चाहिए। छात्र द्वारा स्नातकीय (कम से कम चार सेमेस्टर उत्तीर्ण किए हों) इंटर्नशिप शुरू करने के लिए दो साल का पाठय़क्रम आवश्यक है या स्नातकोत्तर में कम से कम दो सेमेस्टर /एक वर्ष का आवश्यक पाठय़क्रम पूरा किया हो।)

इंटर्नशिप की अवधि
आमतौर पर इंटर्नशिप करने की अवधि कम से कम 30 दिन की होती है। कई कोर्सेज में यह अवधि 6 महीने की भी हो जाती है, लेकिन मैकेनिकल इंजीनियरिंग में सिर्फ 30 दिन की इंटर्नशिप होती है।

इंटर्नशिप में सीख और पैसा
अंतिम वर्ष के दौरान छात्रों को समर ट्रेनिंग या इंटर्नशिप करवाई जाती है। यह इंटर्नशिप फुल टाइम यानी कार्यालय समय के अनुसार ही होती है। इसमें पार्ट टाइम या हाफ टाइम जैसा कोई विकल्प नहीं होता। मैकेनिकल इंजीनियर के छात्रों के लिए यह ट्रेनिंग बहुत जरूरी होती है। इस दौरान की गई लापरवाही करियर पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। इसके अलावा जो छात्र इंटर्नशिप में अच्छी तरह से प्रदर्शन करते है, उन्हें इंटर्नशिप के अंत में नौकरी का अवसर भी प्राप्त हो सकता है। साथ ही इंटर्नशिप पूरी करने वाले छात्रों को कई बार पांच से दस हजार रुपये के साथ सर्टिफिकेट भी दिया जाता है।

मौके ही मौके
कई संस्थान विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के लिए विभिन्न कंपनियों में भेजते हैं तो कई संस्थानों में विद्यार्थियों को खुद ही कंपनियों में इंटर्नशिप के लिए आवेदन करना पड़ता है। कई मर्तबा विद्यार्थी की सुविधानुसार आसपास की जगह उपलब्ध नहीं हो पाती तो उसे बेहतर जगह की तलाश में दूर भी जाना पड़ता है। 

समय-समय पर विभिन्न कंपनियां इंटर्नशिप के लिए अपनी वेबसाइट पर सूचना देती हैं। इंटरनेट पर तमाम ऐसी वेबसाइट हैं, जहां हर विषय के लिए इंटर्नशिप के ढेरों मौके उपलब्ध हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय भी अपनी वेबसाइट पर विभिन्न विषयों से संबंधित इंटर्नशिप के मौकों के बारे में सूचना देता है।

इंटर्नशिप के मौके बताती कुछ वेबसाइट
www.gbpec.edu.in/
•www.internshipmela.com
•www.Letsintern.com
•www.internshala.com
•www.indianinternship.com
•www.du.ac.in/intern.placement.du.ac.in
(जी. बी. पंत इंजीनियरिंग कॉलेज के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट हेड जय प्रकाश से बातचीत पर आधारित)

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