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डीयू में पढ़ाएंगे गंभीर, सुशील और मैरीकॉम

खेल के तकनीकी पहलु और नियमों के बारे में बताने के लिए योजना तैयार की गई
डीयू में अब क्रिकेटर गौतम गंभीर, बॉक्सर मैरीकॉम और पहलवान सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी छात्रों को खेल में निपुण बनाएंगे। विभिन्न खेलों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बतौर गेस्ट फैकल्टी विश्वविद्यालय से जुड़ेंगे। ये न सिर्फ मैदान में गुरु सिखाएंगे बल्कि खेल की कक्षा में बाकायदा तकनीकी पहलुओं व नियमों के बारे में भी विस्तार से बताएंगे। सत्र 2014-15 से इस योजना को लागू किया जाएगा।

विश्वविद्यालय की खेल परिषद के सूत्रों ने बताया कि योजना रेगुलर कॉलेजों के छात्रों के लिए है। इंडोर और आउटडोर दोनों ही तरह के खेल इसके दायरे में आएंगे। कुल 23 खेल हैं। मसलन, क्रिकेट, फुटबॉल, वालीबॉल, कुश्ती, शतरंज, बैडमिंटन व हॉकी आदि। सूत्र बताते हैं कि इस बाबत प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन खेलों के राष्ट्रीय संघों की मदद ली जाएगी। विभिन्न खेलों की खिलाडियों की सूची तैयार की जा रही है। इनमें से गौतम गंभीर, मैरीकॉम व सुशील कुमार जैसे खिलाडिम्यों का पहले चरण में प्रशिक्षण देने के लिए जुड़ना लगभग तय माना जा रहा है। इतना ही नहीं, अन्य प्रतिष्ठित खिलडियों से संपर्क किया जा रहा है। इनमें बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा व साइना नेहवाल शामिल हैं। इसके अलावा फुटबॉल के लिए पूर्व भारतीय कप्तान बाइचांग भुटिया शामिल हैं। यही नहीं, सरकारी संघों के कोच को भी बुलाए जाने की योजना है।

कॉलेज स्तर पर पढ़ाएंगे
खिलाड़ी कॉलेज स्तर पर पढ़ाएंगे। जिस कॉलेज में जो खेल उपलब्ध होगा, उसके मुताबिक वहां खिलाडियों को जोड़ा जाएगा। फिलहाल कॉलेजों के खेलों की सूची तैयार की जा रही है। शुरुआती योजना में डीयू कॉलेजों में खिलाड़ी भेजेगा। बाद में कॉलेज की मांग के अनुरूप इन्हें बतौर शिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। खास बात यह है कि अकादमिक विषयों की कक्षाओं की तरह ही इनकी कक्षाएं लगेंगी। हालांकि, कुछ कॉलेजों में कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं लेकिन वहां खिलाडियों द्वारा नहीं बल्कि शिक्षकों द्वारा पढ़ाया जा रहा है।

खेल के भी मिलेंगे अंक
अंक दिए जाने के बारे में कुलपति प्रो. दिनेश सिंह कहते हैं कि छात्रों द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल में बेहतर करने पर अंक दिए जाएंगे। ये अंक सर्टिफिकेट के आधार पर दिए जाएंगे। यह चार साल के डिग्री प्रोग्राम का हिस्सा है। बता दें कि नई नीति के दायरे में हर कॉलेज और हर कोर्स के छात्र आएंगे। मकसद खेल के प्रति रुचि बढ़ाना है। इतना ही नहीं, यदि यह नीति सफल रहती है तो बाद में ईसीए के छात्रों को भी इसके दायरे में लाया जा सकता है।

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