DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आर्थिक बदहाली झेल रहा पलामू के पहले सांसद का परिवार

गढ़वा। ओम प्रकाश पाठक। रहने दीजिए साहब, नहीं खिंचवानी है फोटो, कुछ बताकर भी क्या होगा। हम अपने हाल में जैसे भी हैं, ठीक हैं। पलामू के जानेमाने स्वतंत्रता सेनानी और पहले सांसद स्वर्गीय जेठन सिंह खरवार की बड़ी बहू बुधनी देवी आक्रोश भरे लहजे में कुछ यूं कह गई।

चुनाव का समय आता है तो सब लोग आते हैं। नेता वोट मांगने आते हैं, वादा करते हैं। चुनाव खत्म हुआ तो हमसे और गांव से उनका नाता-रिश्ता ही खत्म हो जाता है। पूर्व सांसद का पैतृक गांव फिलवक्त जिलांतर्गत चिनिया प्रखंड के बरवाडीह में अवस्थित है। बात आगे बढ़ी तो बताती हैं अरे, पहले सांसद के परिवार की न सही, कोई नेता-अधिकारी उनके गांव की तो सुध लेता। गांव में न तो चापाकल है और न ही सड़क।

गांव में अबतक बिजली भी नहीं लगी। पहले सांसद और स्वतंत्रता सेनानी का गांव है, कहीं से यह लगता ही नहीं। पीने के पानी के लिए उन्हें करीब डेढ़ किलोमीटर जाना पड़ता है। बताती हैं कि अपने ससुर की सादगी, अन्याय के खिलाफ लड़ाई, समाज सवरेपरी जैसी सोच पर आज भी गर्व है। दो टूक कहती हैं चलो आज के अधसिंख्य नेताओं की तरह उन्होंने न तो भ्रष्ट आचरण अपनाया और न ही सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचा।

मनरेगा मजदूर हैं सांसद के पुत्र::बड़े पुत्र सत्यदेव सिंह बताते हैं उनके सभी भाई मनरेगा मजदूर हैं। उसके बाद भी काम नहीं मिलता। काम की कमी के कारण वह मजदूरी करते हैं। जवान बेटे पलायन कर दूसरे शहरों में काम करते हैं। घर की रोजी-रोटी की व्यवस्था में वह भी मदद करते हैं।

उनका जॉब कार्ड नंबर 0700700110100204 है। उसके अलावा छोटे भाई प्रदीप सिंह को जॉब कार्ड नंबर 0700700110100348, कृष्ण मुरारी सिंह का 0700700110100126 है। सभी अलग-अलग रहकर मजदूरी कर परिवार चला रहे हैं। फांकाकशी में उनके परिवार की जिंदगी कट रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आर्थिक बदहाली झेल रहा पलामू के पहले सांसद का परिवार