DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चुनाव में डय़ूटी लगायी तो रिजल्ट में देरी उलझन

कार्यालय संवाददाता पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. राजमणि प्रसाद सिन्हा ने चुनाव आयोग से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कर्मचारियों को चुनावी कार्यो से मुक्त रखने का अनुरोध किया है। समिति की ओर से तर्क दिया गया है कि अगर कर्मचारियों को चुनाव कार्य में लगा दिया जाएगा तो मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने में विलंब होगा। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया है कि 13 लाख 37 हजार छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसला किया जाए।

इसके अलावा समिति ने सुप्रीम कोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें परीक्षा का रिजल्ट मई में घोषित करने का निर्देश है। ऐसी स्थिति में अगर समय पर रिजल्ट नहीं दिया गया तो कोर्ट के आदेश की अवहेलना होगी। उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से चुनाव कार्यो में लगाये जाने के लिए कर्मचारियों की सूची मांगी है। कर्मचारियों की संख्या पहले से ही है कम: प्रो. सिन्हा ने कहा कि समिति के कर्मचारियों को प्रत्येक दिन सैकड़ो छात्रों का सर्टिफिकेट बनाना और निर्गत करना पड़ता है।

इसके अलावा सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन होता है। नौकरी के लिए सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन करके समय पर देना होता है। मैट्रिक की परीक्षा समाप्त होने के बाद ही कर्मचारी मूल्यांकन में जुट जाते हैं। वहीं बिहार विद्यालय कर्मचारी महासंघ के महासचिव विकास कुमार व उपाध्यक्ष कुंदन ने कहा कि माध्यमिक प्रभाग में कर्मचारियों की संख्या पहले से कम है। अगर चुनाव डय़ूटी में कर्मचारियों को लगाया गया तो रिजल्ट निकलने में विलंब होना तय है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:चुनाव में डय़ूटी लगायी तो रिजल्ट में देरी उलझन