DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आठ माओवादी बन सकते हैं चुनाव में सुरक्षाबलों की चुनौती

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। आठ माओवादी बिहार में शांतिपूर्ण चुनाव की राह में रोड़ा बन सकते हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार चुनाव के दौरान हमले का तानाबाना बुनने से लेकर उसे अमलीजामा पहनाने तक की जिम्मेदारी इन्हें मिली है। उत्तर और दक्षिण बिहार के अलावा झारखंड में भी सक्रिय इन आठों माओवादियों के साथ हर वक्त हथियारबंद दस्ता मौजूद रहता है।

एक दस्ते में लड़ाकों की संख्या 25 से 50 के बीच होती है। चुनाव से पूर्व ये गिरफ्त में नहीं आए तो बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। अरविंद कुमार सिंह उर्फ देव भाकपा माओवादी के केंद्रीय कमेटी एवं केंद्रीय मिलिट्री कमीशन का सदस्य है।

जहानाबाद के सुकुलचक के रहनेवाले इस शीर्ष माओवादी की जोनल और रीजनल कमेटी के किसी भी प्रस्ताव पर जबतक मुहर नहीं लगेगी बड़ा ऑपरेशन नहीं हो सकता। चुनाव के दौरान बिहार-झारखंड में माओवादियों की कार्रवाई का सारा तानाबाना अरविंद जी के नेतृत्व में ही बुना जा रहा है।

विजय यादव उर्फ संदीपसंदीप बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य है। गया के दक्षिणी इलाके में पिछले चार-पांच वषरें में जितनी भी घटनाएं हुईं, उसका नेतृत्व इसी ने किया। संदीप के साथ माओवादियों का मजबूत हथियारबंद दस्ता रहता है।

सूत्रों के अनुसार चुनाव के दौरान मगध क्षेत्र खासकर गया में सुरक्षाबलों पर हमले की जिम्मेदारी इसे ही सौंपी गई है। शवशिंकर धोबी उर्फ त्यागी उर्फ बाबाशवशिंकर धोबी उर्फ बाबा औरंगाबाद का रहनेवाला है। माओवादियों के मिलिट्री ऑपरेशन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मगध समेत झारखंड के इलाके में बड़ी घटनाओं को अंजाम देने में यह माओवादी सक्षम है। चिराग दा उर्फ रामचंद्र महतोजमुई के इलाके में इसका वर्चस्व है। झारखंड रीजनल कमेटी सदस्य-सह जेबी जोन का सचवि चिराग जमुई, लखीसराय और गिरीडीह इलाके में माओवादियों को लीड करता है।

यह बड़े हमले करने में सक्षम है। प्रवेश दा उर्फ अनुज दा उर्फ अमलेश दाझारखंड रीजनल कमेटी सह स्पेशल एरिया मिलिट्री कमशिन का सदस्य है। हजारीबाग का रहने वाला यह माओवादी बिहार व झारखंड में हिंसक वारदातों को अमलीजामा पहनाता है।

मौके पर मौजूद रहकर ऑपरेशन को लीड भी करता है। रामबाबू राम उर्फ राजनउत्तर बिहार में माओवादियों की कमान इसके जिम्मे है। उत्तर बिहार के पश्चिमी जोनल कमेटी का सचवि भी है। इस इलाके में संगठन के विस्तार और घटनाओं को अंजाम देने की जिम्मेदारी इसपर है।

कईल प्रजापति उर्फ सत्यनारायण प्रजापति मगध जोन का सचवि सह चाल्हो सबजोनल प्रभारी है। औरंगाबाद के अजाम का रहनेवाला यह माओवादी कई कांडों में संलिप्त रहा है। चुनाव के दौरान इसकी सक्रियता बढ़ी है।

विनय यादव उर्फ मुराद जी उर्फ गुरु जी बिहार रीजनल कमेटी के मध्य जोन का सचवि है। माओवादियों द्वारा पुलिस पर किए गए कई हमलों में यह शामिल रहा है। इससे भी चुनाव के दौरान खतरा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आठ माओवादी बन सकते हैं चुनाव में सुरक्षाबलों की चुनौती