DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ईसी की राजनीतिक पार्टियों के अंकेक्षकों के साथ बैठक

ईसी की राजनीतिक पार्टियों के अंकेक्षकों के साथ बैठक

चुनाव आयोग ने सोमवार को प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के लेखा अंकेक्षकों (अकाउंट ऑडिटर) की बैठक कर पारदर्शिता संबंधी दिशा-निर्देशों तथा लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद उनके द्वारा 2013-14 का लेखा-जोखा दाखिल करने पर चर्चा की ताकि काले धन के इस्तेमाल पर रोक लग सके।

सूत्रों ने बताया कि बैठक-सह-कार्यशाला के दौरान चुनाव आयोग ने पार्टियों की वित्तीय रिपोर्टें दाखिल करने संबंधी दिशा-निर्देशों के बारे में अंकेक्षकों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंटों को बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की अपेक्षा है कि 16 मई को लोकसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद पार्टियां 30 अक्टूबर तक अपना लेखा-जोखा दाखिल कर दें।

अपने पुनरीक्षित पारदर्शिता दिशा-निर्देशों के मुताबिक चुनाव आयोग पहले ही साफ कर चुका है कि सभी राजनीतिक पार्टियों को 30 अक्टूबर तक अपनी अंकेक्षित लेखा-जोखा संबंधी रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। बैठक के दौरान चुनाव आयोग ने अंकेक्षकों को दिशा-निर्देशों का पालन पूरी तरह करने को कहा और यह दिशा-निर्देशों में सुधार के लिए सुझाव भी मांगे। इन दिशा-निर्देशों को इस महीने के अंत तक अधिसूचित कर दिया जाएगा।

देश में चार्टर्ड अकाउंटेंटों की शीर्ष संस्था भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान (आईसीएआई) ने फरवरी 2012 में राजनीतिक पार्टियों के लिए लेखांकन मानक तैयार करने में चुनाव आयोग की मदद की थी। विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में उन्हें लागू भी किया गया था।

चुनाव आयोग ने कार्यशाला के दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों को भी चुनावों में अवैध धन पर लगाम लगाने संबंधी उपाय अमल में लाने की जानकारी दी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ईसी की राजनीतिक पार्टियों के अंकेक्षकों के साथ बैठक