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सीएम की मंजूरी के बाद भी लटका है एमओयू

राज्य सरकार फिलहाल और एमओयू करने के पक्ष में नहीं है। सरकार का यह मानना है कि पहले ही 68 एमओयू किये जा चुके हैं, इनमें से चंद छोटी कंपनियां ही धरातल पर उतर पायी हैं। ऐसे में और एमओयू करना उचित नहीं होगा।ड्ढr यह अलग बात है कि हाइपावर कमेटी की अनुशंसा पर सीएम मधु कोड़ा ने 27 कंपनियों के साथ एमओयू करने को फाइल पर मंजूरी दे दी है। इससे अलग सीएम ने उद्योग और ऊर्जा विभाग को मौखिक तौर पर निर्देश दिया है कि जिन 27 कंपनियों के साथ एमओयू करने की मंजूरी दी गयी है, उसके लिए अभी तिथि निर्धारित नहीं की जाये। इससे कंपनियां परशान हैं। सरकार पर दबाव भी डाल रही हैं कि जब फाइल पर मंजूरी मिल गयी है, तो तिथि क्यों निर्धारित नहीं की जा रही। फिलहाल 84115 करोड़ रुपये निवेश के लिए एमओयू की फाइल लटकी है। पिछले 24 दिसंबर को तत्कालीन सीएस पीपी शर्मा की अध्यक्षता वाली हाइपावर कमेटी ने 27 कंपनियों को एमओयू करने की मंजूरी दी थी। मुख्यमंत्री ने 27 मार्च 08 को फाइल पर अपनी मंजूरी देकर वापस हाइपावर कमेटी को भेज दी। कंपनियों में जेएसपीएल, टाटा मोटर्स, जूम बल्लभ, कॉरपोरट इस्पात, वीसा स्टील, जुपिटर, वीएस डेंपो, आयरिस आयरन आदि शामिल हैं।

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