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हत्या-आत्महत्या के बीच उलझी पुलिस

। हिन्दुस्तान संवाद। बैरफ गांव में बबली की हत्या के 12 दिन बाद भी पुलिस हत्या और आत्महत्या की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। युवक ने पुलिस को बताया है कि अचानक वह उसके घर पहुंचा तो बबली की मां के कहने पर उसने फांसी के फंदे से नीचे उतरवाने में मदद की। उस समय बबली जिंदा थी। बैरफ निवासी फूलचंद्र की पुत्री बबली उर्फ बउवा (17) का शव 25 फरवरी की सुबह बरामदे में पड़ा मिला था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि के बाद पुलिस ने उसकी मां से पूछताछ की तो बताया कि 24 फरवरी की शाम जब वह पशुबाड़ा से लौटी तो कमरे में दुपट्टे से बबली का शव लटक रहा था। डर के कारण उसने मुंह नहीं खोला। दूसरे दिन सुबह लोगों को जानकारी हुई। पुलिस कई बार बबली की मां से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अभी तक किसी नतीजे में नहीं पहुंची है। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है।

युवक ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन बबली उसके पास आई थी और बाजार से आलू लाने के लिए पैसे दिए थे। बाजार से लौटने के बाद आलू उसने अपने घर में रख दिया और रास्ते से गुजरते समय बबली से कहा था कि घर से आलू उठा लेना। कुछ देर बाद जब वह बबली के घर पहुंचा तो वह फंदे से लटक रही थी। मां पास में खड़ी थी। मां ने देखते ही उससे कहा कि बबली को फंदे से नीचे उतारो।

शोरगुल सुनकर मोहल्ले का एक युवक आ गया। तीनों ने मिलकर उसे नीचे उतारा और वाहन का इंतजाम करने की कोशशि में जुट गए. लेकिन तब तक बबली ने दम तोड़ दिया। उसने बताया कि जान बचाने के लिए उसने फंदे से नीचे उतारा था। थानाध्यक्ष का कहना है कि मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, जबकि पोस्टमार्टम में हत्या की बात सामने आई है। मामले की छानबीन की जा रही है।

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