DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

त्याग-समर्पण का जीवन असफल नहीं होता

 वाराणसी। कार्यालय संवाददाता। शवि शांति आश्रम के पीठाधीश्वर व सिन्धु रत्न चांडूराम का कहना है कि त्याग-समर्पण का जीवन कभी असफल नहीं जाता है। समाज के लिए खुद की इच्छाओं को त्यागने वाला ही समाजहित के बारे में शुद्ध रूप से सोचता है। इसलिए समाज के दबे-कुचले और असहाय लोगों को खुद से ज्यादा गरीबों की मदद के लिए त्याग करने की जरूरत है। ये बातें साई चांडूराम ने महमूरगंज स्थित शुभम लॉन में कही। इस दौरान करीब 5 हजार भक्तों का मजमा जुटा रहा।

हर तरफ लोग भक्तिमय माहौल में लीन थे। इससे पूर्व लक्सा स्थित झूलेलाल मंदिर में स्वामी हरहिर दास की स्मृति में एक आशीर्वाद हॉल और उनकी प्रतिमा का अनावरण साई चांडूराम ने किया। इस दौरान बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि सिंधी समाज से हम सबको सीख मिलती है। महिला समाज कल्याण विभाग की सलाहकार रीबु श्रीवास्तव ने कहा कि सिन्धी समाज संतों और महात्माओं से जुड़ा है। 750 लोगों ने किया रक्तदानसगिरा स्थित सिन्धुनगर कॉलोनी में साई चांडूराम ने थलेसीमिया ब्लड कैम्प का उद्घाटन किया।

सिन्धु चेतना के सहसचवि राजेश रुपानी के संयोजन में शाम तक यहां 750 लोगों ने रक्तदान किया। समाज सेवा के संकल्प के लिए रक्तदान शिविर अभियान के रूप में लगाने की भी घोषणा की गई। संत कंवराम कुटिया पहुंचेपीठाधीश्वर चांडूराम काशी वशि्वनाथ एक्सप्रेस से रविवार सुबह कैंट स्टेशन पहुंचे। यहां सिन्धी समाज की ओर सैकड़ो भक्तों ने गाजे-बाजे के बीच उनका स्वागत किया। यहां लीलाराम सचदेवा,केएलके चंदानी, राम लखमानी, रमेश चेलानी, पुरुषोत्तम सुखवानी, काशीराम सुखवानी आदि ने माल्यार्पण से स्वागत किया।

इसके बाद वह सोनिया स्थित संत कंवरराम कुटिया पहुंचे और वहां प्रवचन किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:त्याग-समर्पण का जीवन असफल नहीं होता