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दूसरे चौपाल में भी मोदी से संवाद नहीं

भागलपुर। कार्यालय संवाददाता।  भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये चाय दुकान पर शनिवार को दूसरी बार चौपाल लगाई लेकिन भागलपुर के लोगों को इस बार भी संवाद का मौका नहीं मिला।

मोदी ने चर्चा शुरू करते हुए सबसे पहले चुनाव के लिए महिलाओं की हौसलाअफजाई की। कहा-अगर एक बार महिलाएं ठान लें कि भारत का भाग्य हम तय करेंगे तो फिर सभी वोट बैंक और समीकरण उनके सामने ध्वस्त हो जाएंगे। महिला दिवस के मौके पर उन्होंने सभी महिलाओं से आह्वान किया कि नौ मार्च को वे सभी मतदाता बनने के लिए खुद को पंजीकृत करायें, जो अब तक पंजीकृत नहीं हो पाए हैं। भागलपुर के चौपाल में नगर विधायक अश्विनी कुमार चौबे भी पहुंचे थे।

भागलपुर में इस बार मात्र एक ही चाय दुकान पर चौपाल लगायी गई थी, तिलकामांझी स्थित गणेश टी स्टॉल में। मुद्दा महिला सशक्तिकरण का था, इस चौपाल में सुषमा स्वराज को भी आना था, इसलिए भागलपुर में भी एक स्क्रीन के सामने भाजपा महिला मोर्चा की कई सदस्य मौजूद थीं। चौपाल में मोदी के आने से पहले ही लोगों की भीड़ लग चुकी थी। उधर गणेश की दुकानों में आज हर दिन की अपेक्षा लोगों की भीड़ अधिक थी। उनकी पत्नी कभी केतली को पोछती तो कभी दूध को घांटती।

मन उत्साहित था कि आज उनकी दुकान पर मेला लगा है। हालांकि मोदी जी ने इस बार चाय की चुस्की नहीं ली। लेकिन भागलपुर में बैठे दर्शक और कार्यकर्ताओं के बीच चाय निरंतर चलता रहा। भागलपुर के दर्शकों को इस बार भी मोदी से सवाल पूछने का मौका नहीं मिला। इस बार भी भागलपुर के टी स्टॉल से संवाद नहीं रखा गया था। अलबत्ता इस बार इस चर्चा में लंदन, युगांडा और आस्ट्रेलिया से लोग जरूर जुड़े। सबसे पहला सवाल इलाहाबाद से।

मोदी जी बतायें महिलाएं होम मेकर से नेशन मेकर कैसे बनेंगी? मोदी ने कहा बेटा और बेटी में भेदभाव मिटाना होगा। बेटी को जन्म लेने का अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, शादी, कैरियर की आजादी होनी चाहिए। रांची से एक महिला की सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका यह मानना है कि महिलाओं को रसिरे्च के क्षेत्र में आगे आना चाहिए, क्योंकि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में तकनीक को अपनाने की क्षमता अधिक है। दिल्ली के साकेत से सवाल आया- लड़कियों के साथ आए दिन बलात्कार और छेड़छाड़ का समाधान क्या है? मोदी ने कहा हर समस्या का समाधान है।

कानून से अधिक नीयत और इरादे की जरूरत है। एनसीसी में 50 छात्राओं को लेना चाहिए। उन्होंने गुजरात के गिर जंगल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लड़कियों को जंगली जानवरों के बीच काम करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। आज स्थिति यह है कि वहां जाने वाले लोगों को लड़कियां ही चीते और बाघों के बीच ले जाती हैं। दानापुर की एक महिला ने मोदी के सामने पुलिस व्यवस्था पर सवाल किया। कहा आज भी महिलाएं पुलिस के सामने जाने में सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं।

कैसे महिलाएं आगे आएंगी? मोदी ने कहा आज देश में पुलिस की छवि बदलने की जरूरत है। आमलोग और पुलिस के बीच दूरी पाटने की जरूरत है। ताकि दोनों के बीच एक संवाद के जरिये एक दूसरे के प्रति वशि्वास बढ़े।

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