DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एसओ को बचाने के लिए सत्ता का बड़ा दांव

मुरादाबाद। शहर के चर्चित सर्राफ हत्याकांड में फंसे एसओ सय्यद मंसूर आबिद को बचाने के लिए सत्ता ने एक बड़ा दांव खेला है।

शासन स्तर से मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने की सिफारशि की गई है। इसके पीछे सपा के कद्दावर नेताओं का हाथ है। उनके लैटरपैड पर ही पूरे मामले की फाइल सीएम कार्यालय होते हुए प्रमुख सचवि की टेबल तक पहुंची है। एक-दो दिन के भीतर सीबीसीआईडी जांच का ऐलान विधवित ऐलान कर दिया जाएगा। कानून गोयान निवासी सर्राफा व्यापारी सतेंद्र कुमार रस्तोगी की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। शव 28 जनवरी को रामपुर के पटवाई क्षेत्र में पड़ा मिला था।

पुलिस की जांच में मूंढापांडे एसओ रहे सय्यद मंसूर आबिद, सिपाही राहुल कुमार, मुनेंद्र, अमित कुमार व अमरपाल का नाम सामने आया था। पुलिस अमित कुमार व अमरपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं एसओ सय्यद मंसूर आबिद, सिपाही राहुल व मुनेंद्र कुमार अभी भी फरार चल रहे हैं। कुर्की की प्रक्रिया शुरू करते हुए इनाम की धनराशि भी बढ़ाई जा चुकी है। वहीं दूसरी ओर अपने कार्यकाल के दौरान फरार एसओ की सपा नेताओं से नजदीकियां किसी से छिपी नहीं थीं।

सपा के कद्दावर नेता उसे बचाने के लिए जी जान से जुट गए हैं। सपा के एक वरिष्ठ नेता के लैटर पेड पर फरार एसओ आबिद ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने की सिफारशि की है। यही नहीं सपा नेताओं के इशारे पर ही पूरी फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रमुख सचवि गृह की टेबल तक पहुंच गई है। सीबीसीआईडी जांच की सिर्फ औपचारिकता शेष है। एक-दो दिन के भीतर सीबीसीईडी जांच की विधवित घोषण कर दी जाएगी।

एसएसपी आशुतोष कुमार ने सीबीसीआईडी जांच की जानकारी होने से इनकार किया। कहा कि फरार वर्दीधारियों की गिरफ्तारी को पुलिस टीम दबशि दे रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:एसओ को बचाने के लिए सत्ता का बड़ा दांव