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किताबी ज्ञान संग जरूरी तार्किक क्षमता

मुरादाबाद। हिन्दुस्तान संवाद। एमआईटी में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का समापन रविवार को हुआ। इस मौके पर यूपीटीयू के कुलपति प्रो आरके खांडल बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। इस मौके पर कॉलेज में निर्मित नए भवन का उद्घाटन भी किया गया। अपना आत्मोत्थान करें छात्रकुलपति प्रो आरके खांडल ने कहा कि छात्र किताबी ज्ञान के साथ-साथ अपनी तार्किक क्षमताओं का भी उपयोग करें। इस तरह के आयोजनों में अपनी क्षमताओं की वृद्धि करने का मौका मिलता है।

विद्यार्थियों को अपना आत्मोत्थान करना जरूरी है। कॅरियर के तमाम क्षेत्रों में यह तय करना जरूरी है कि हमारी क्षमता किस क्षेत्र के लिए उपयुक्त है। दो दिन में पढ़े गए 167 शोध पत्रसेमिनार में दो दिन में 167 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। सेमिनार की भव्यता मौजूद रहे वैज्ञानिकों संग विभिन्न शैक्षिक क्षेत्र की विभूतियों ने बढ़ाई। सेमिनार में दूसरे दिन सभी ने अपने अनुभव सैकड़ों छात्र-छात्राओं संग साझा किए। इनमें मुख्य रूप से डॉ. जीएल पहूजा, डॉ. टीरोन फर्नाडो, इंकू ह्वान, डॉ. आरती नूर आदि शामिल रहे।

इंजीनियरिंग भवन का उद्घाटनकुलपति प्रो आरके खांडल ने अभियांत्रिकी इंजीनियरिंग के भवन का उद्घाटन किया। विभागाध्यक्ष एनके सिंह ने बताया कि भवन की विशेषता इसमें बनाए गया टोटल स्टेशन, पर्यावरण, द्रव यांत्रिकी एवं मृदा प्रयोगशालाएं हैं। इस मौके पर एमआईटी प्रबंध समिति से वाईपी गुप्ता, सुधीर गुप्ता, के साथ ही राजुल मिश्रा, प्रो एस मुखर्जी, प्रो विनीत तीर्थ आदि मौजूद रहे। ं।

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