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सही फैसला लेना है, तो देर से करें निर्णय

सही फैसला लेना है, तो देर से करें निर्णय

यदि आप किसी भी मामले में सही फैसला करना चाहते हैं, तो इसका एक बेहतर तरीका यह है कि निर्णय लेने में देरी करें, लेकिन यह देरी बस कुछ सेकंड की होनी चाहिए। दरअसल, इससे मस्तिष्क जरूरी सूचनाओं पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम हो जाता है और फैसले के सही होने की संभावना बढ़ जाती है।

इसका खुलासा एक अध्ययन के आधार पर किया गया है, जिसे टॉब इंस्टीटय़ूट फॉर रिसर्च ऑन अल्जीमर्स डिसीज एंड द एजिंग ब्रेन के शोधार्थियों ने किया है। इंस्टीटय़ूट के सहायक शोध विज्ञानी जैक ग्रिनबैंड ने बताया, ''निर्णय प्रक्रिया में 50 से 100 मिलीसेकंड की देरी मस्तिष्क को प्रासंगिक सूचना पर ध्यान केंद्रित करने और निर्णय प्रक्रिया में बाधा डालने वाली अप्रासंगिक बातों से बचने में सक्षम बनाती है।''

यह अध्ययन 'पीएलओएस वन' जर्नल में प्रकाशित हुआ है। यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग में मनोविज्ञान के सहायक प्रोफेसर और अध्ययन के सह लेखक तोबियस टीचेर्ट ने बताया, ''दरअसल, जब आप कुछ नहीं करते हैं और इस तरह निर्णय लेने में देरी करते हैं तो इससे फैसले के सही होने की संभावना बढ़ जाती है।''

 

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