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थाली में दाल-रोटी की जगह लेंगे कीड़े

थाली में दाल-रोटी की जगह लेंगे कीड़े

आप शुद्ध शाकाहारी हैं? अगर हां, तो आपके लिए एक बुरी खबर है। संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने आगाह किया है कि विश्व की आबादी आठ अरब के आसपास पहुंचने की वजह से इतनी बड़ी आबादी का पेट अब सिर्फ शाकाहार से भरना मुश्किल होगा। ऐसे में जल्द लोगों के पास कीड़े-मकोड़े खाने के अलावा कोई दूजा विकल्प नहीं बचेगा।

एफएओ ने हाल में 'एडिबल इनसेक्ट्स : फ्यूचर प्रोसपेक्ट्स फॉर फूड एंड फीड सिक्योरिटी' शीर्षक से एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिहाज से लाभकारी माने जाने वाले ऐसे कीटों की सूची बनाई गई है जिन्हें आप पूरक आहार के रूप में ले सकते हैं।

ये कीड़े-मकोड़े भविष्य में कैसे आपकी भूख मिटा सकते हैं? 'मोपेन' नामक इल्ली या सूंडियां ऐसे कीटों में शामिल हैं। इन्हें खाने से पूर्व नमकीन पानी में उबाला और धूप में सुखाया जाता है। इन्हें बिना रेफ्रिजरेटर भी कुछ माह तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

एफएओ के मुताबिक, इल्लियां पोटेशियम, सोडियम, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, जिंक, मैगनीज और कॉपर का एक अच्छा स्रेत हैं। पोषणयुक्त अन्य कीटों में दीमक भी शामिल हैं। इन्हें तलकर, धूप में सुखाकर, भूनकर या केले के पत्तों पर रखकर भांप लगाकर खाया जा सकता है।

आमतौर पर दीमक में 38 प्रतिशत तक प्रोटीन होता है। टिड्डे भी बड़े पैमाने पर खाए जाते हैं। इन्हें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन देने के लिए जाना जाता है। बदबूदार कीड़े पूरे एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में खाए जाते हैं। खाने से पूर्व इन्हें भूना या पानी में भिगोकर धूप में सुखाया जाता है।

ये कीड़े-मकोड़े प्रोटीन, आयरन, पोटेशियम और फास्फोरस सहित कुछ अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से समृद्ध होते हैं।

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