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उम्मीदवारों को लेकर भाजपा में खींचतान चरम पर

रांची। अजय कुमार। 14 में से दो या तीन सीट पर आज भाजपा कहने की स्थिति में है कि उसके उम्मीदवार का नाम तय है। धनबाद, हजारीबाग, खूंटी और गोड्डा को छोड़कर बाकी के सीटों पर जबरदस्त खींचतान है। प्रदेश की गुटबाजी और बड़े नेताओं की खींचतान के कारण उम्मीदवारों को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है। एक सीट पर कई-कई नाम हैं। अब अंतिम जोर दिल्ली में लगेगा, इसलिए टिकट के दावेदार और प्रमुख नेता अगले एक-दो दिनों में दिल्ली की ओर रुख करेंगे।

11 मार्च को दिल्ली में प्रदेश के प्रमुख नेताओं की बैठक होगी। 13 को उम्मीदवारों की घोषणा हो सकती है। आपस में ही उलङो हैं नेताजमशेदपुर से कौन लड़ेगा, इस पर अब भी सस्पेंस है। कभी अर्जुन मुंडा का नाम सामने आता है, तो कभी रघुवर दास का। जबकि दोनों नेता चुनाव लड़ने से भाग रहे हैं। सरयू राय हाल में प्रबल दावेदार के तौर पर सामने आए हैं, जबकि कुछ दिनों पहले तक आइएएस वमिल कीर्ति सिंह को आगे किया जा रहा था।

इसी तरह का हाल गिरिडीह का है। प्रदेश के नेताओं में लगभग सहमति है कि सांसद डॉ रवींद्र पांडेय का टिकट कटना चाहिए। वहां से विरंची नारायण और राजकिशोर महतो मजबूत दावेदार हैं। प्रदेश अध्यक्ष का ही टिकट तय नहींकोडरमा से प्रदेश अध्यक्ष डॉ रवींद्र राय खुद दावेदार हैं, लेकिन उनका ही टिकट तय नहीं है। पार्टी के ही कुछ नेता उनकी राह काट रहे हैं। चर्चा है कि निशिकांत दूबे और यशवंत सिन्हा नहीं चाहते कि राय को टिकट मिले।

वहां से कांग्रेस के मनोज यादव को पार्टी के अंदर से ही समर्थन मिल रहा है। चतरा में दावेदारों की सबसे लंबी सूची है। वहां से पार्टी इंदर सिंह नामधारी को खड़ा करना चाहती थी, लेकिन अर्जुन मुंडा ने विरोध कर दिया। पलामू में पूर्व डीजीपी बीडी राम और पूर्व सांसद ब्रजमोहन राम के बीच कांटे का संघर्ष चल रहा है। कामेश्वर बैठा टिकट के लिए झामुमो छोड़कर आए, लेकिन पार्टी के अंदर उनके नाम पर सहमति बिल्कुल नहीं है।

सहमति के साथ असहमति भीकई सीटों पर पार्टी में विकल्प कम है। रांची में रामटहल चौधरी और सीपी सिंह दावेदार हैं। चौधरी का पलड़ा भारी है, लेकिन उनको टिकट देने पर पार्टी के कई बड़े नेता सहमत नहीं हैं। यही हाल खूंटी का है। कडिम्या मुंडा का मजबूत विकल्प नहीं होने के कारण पार्टी को उनके ही नाम पर विचार करना पड़ रहा है। हजारीबाग और धनबाद को लेकर अब तक विवाद सामने नहीं आया है। बाहरी उम्मीदवार कर रहे हैं परेशान कई सीटों पर बाहरी उम्मीदवारों का पलड़ा भारी है।

लोहरदगा से अरुण उरांव और राजमहल से विधायक हेमलाल मुर्मू के उम्मीदवार बनने की संभावना अधिक है। हालांकि इन नामों को लेकर विरोध भी हो रहा है। चतरा और कोडरमा को जोड़ दिया जाए, तो चार सीटों पर बाहरी उम्मीदवारों को लेकर दबाव बना हुआ है।

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